शी जिनपिंग की भारत यात्रा: BRICS शिखर सम्मेलन और व्यापारिक संबंधों पर ध्यान
शी जिनपिंग की भारत यात्रा
चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 और 13 सितंबर को नई दिल्ली में आयोजित होने वाले 18वें BRICS शिखर सम्मेलन में भाग लेने के लिए भारत आ रहे हैं। यह उनकी लगभग सात साल बाद की पहली यात्रा है। 2020 में गलवान घाटी में हुई झड़प के बाद दोनों देशों के बीच संबंधों में खटास आई थी, जिसे अब सुधारने की कोशिश की जा रही है।
भारत-चीन व्यापारिक संबंध
हालांकि राजनयिक संबंधों में तनाव बना हुआ है, लेकिन भारत और चीन के बीच व्यापारिक संबंध लगातार मजबूत हैं। शी जिनपिंग की यात्रा के दौरान आर्थिक संबंधों को नई दिशा देने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भारत की प्राथमिकता होगी कि संबंधों में सुधार का सीधा लाभ भारतीय उद्योगों और कंपनियों को मिले।
व्यापार घाटा: 112 अरब डॉलर से अधिक
भारत के लिए चीन के साथ व्यापार असंतुलन एक बड़ी आर्थिक चुनौती है। वित्त वर्ष 2025-26 में भारत ने चीन से लगभग 131.6 अरब डॉलर का सामान आयात किया, जबकि चीन को भारत का निर्यात केवल 19.5 अरब डॉलर रहा। इस प्रकार, भारत का व्यापार घाटा 112 अरब डॉलर से अधिक हो गया। हाल के आंकड़े भी इसी असंतुलन को दर्शाते हैं। जुलाई में चीन से भारत का आयात 34.4 प्रतिशत बढ़कर 14.67 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जबकि चीन को निर्यात में 64.6 प्रतिशत की वृद्धि के साथ यह 2.20 अरब डॉलर रहा।
चीन पर निर्भरता
भारत की चिंता केवल व्यापार घाटे तक सीमित नहीं है। मशीनरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, रसायन, दवाओं के लिए आवश्यक कच्चा माल और औद्योगिक उपकरणों के कई हिस्से चीन से आते हैं। लगभग 77.4 अरब डॉलर के ऐसे आयात हैं, जिनमें भारत की कुल विदेशी खरीद में चीन की हिस्सेदारी 50 प्रतिशत से अधिक है। इसलिए, भारत एक ओर व्यापार बढ़ाना चाहता है, वहीं दूसरी ओर किसी एक देश पर निर्भरता कम करने की रणनीति पर भी काम कर रहा है।
चीनी निवेश पर ध्यान
भारत-चीन संबंधों में सुधार की एक महत्वपूर्ण कसौटी निवेश होगा। 2020 के बाद भारत ने पड़ोसी देशों से आने वाले निवेश के नियमों को कड़ा किया था। हालांकि, मार्च 2026 में कुछ क्षेत्रों में निवेश प्रस्तावों की मंजूरी को सरल बनाने के लिए बदलाव किए गए हैं। इलेक्ट्रॉनिक कंपोनेंट, कैपिटल गुड्स और सोलर सेल जैसे क्षेत्रों में निवेश को बढ़ावा देने के प्रयासों से चीन से निवेश की संभावनाएं बढ़ सकती हैं। हालांकि, स्वामित्व और नियंत्रण से संबंधित सुरक्षा प्रावधान लागू रहेंगे।
