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शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का ऐलान: दिसंबर में वापसी की तैयारी

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिसंबर में अपने देश लौटने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल में डाल दिया जाए या उनकी हत्या कर दी जाए, वह अपने निर्णय से पीछे नहीं हटेंगी। हसीना ने बांग्लादेश की वर्तमान स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि अवामी लीग के नेताओं की हत्या और गायब होने की घटनाएं बढ़ रही हैं। जानें उनके बयान और बांग्लादेश की राजनीतिक स्थिति के बारे में अधिक जानकारी।
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शेख हसीना की प्रेस कॉन्फ्रेंस में महत्वपूर्ण घोषणाएं


शेख हसीना का बांग्लादेश लौटने का ऐलान: बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने लगभग दो साल बाद पहली बार एक वर्चुअल प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस 25 मिनट के संबोधन में उन्होंने कई महत्वपूर्ण बातें साझा कीं और स्पष्ट किया कि वह दिसंबर में हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी। उन्होंने कहा कि चाहे उन्हें जेल में डाल दिया जाए या उनकी हत्या कर दी जाए, वह अपने देश वापस जाने के अपने निर्णय से पीछे नहीं हटेंगी। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उनका कैमरा बंद रहा और उन्होंने केवल ऑडियो के माध्यम से अपनी बात रखी। शेख हसीना ने यह भी कहा कि उन्हें पता है कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें जेल में डालने का खतरा हो सकता है, लेकिन वह किसी भी प्रकार के डर से प्रभावित नहीं होंगी।


हसीना ने बताया बांग्लादेश छोड़ने का कारण

शेख हसीना ने कहा कि उन्होंने अपनी इच्छा से बांग्लादेश नहीं छोड़ा था। उनके अनुसार, अगस्त 2024 में जब प्रदर्शनकारी प्रधानमंत्री आवास की ओर बढ़ रहे थे, तब उनके पास वहां से निकलने के लिए केवल 30 से 40 मिनट का समय था। उस समय उन्हें यह भी नहीं पता था कि वह देश छोड़ने जा रही हैं। वह अपने पैतृक गांव तुंगीपाड़ा जाने की योजना बना रही थीं, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें बांग्लादेश छोड़ने पर मजबूर कर दिया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ चल रही कानूनी कार्रवाई अवैध और राजनीतिक उद्देश्यों से प्रेरित है।


बांग्लादेश की स्थिति पर चिंता

प्रेस कॉन्फ्रेंस में, शेख हसीना ने कहा कि अवामी लीग के नेताओं और कार्यकर्ताओं की हत्या की जा रही है, उन्हें गायब किया जा रहा है, और झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि अब तक कम से कम 10,000 लोग मारे गए हैं या लापता हैं। इसके अलावा, 10 लाख से अधिक लोगों को अज्ञात आरोपियों के खिलाफ विभिन्न मामलों में केस दर्ज किया गया है। हालांकि, उन्होंने इन दावों के समर्थन में कोई स्वतंत्र सबूत पेश नहीं किया। हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों से बांग्लादेश कठिनाइयों का सामना कर रहा है।


भारत में शरण और प्रत्यर्पण की मांग

5 अगस्त 2024 को छात्र आंदोलन और हिंसा के बीच, शेख हसीना ढाका छोड़कर भारत आ गई थीं। आंदोलन के बाद उनकी सरकार गिर गई थी और तब से वह भारत में रह रही हैं। पिछले साल नवंबर में, ढाका के एक विशेष ट्रिब्यूनल ने 2024 के आंदोलन के दौरान प्रदर्शनकारियों पर कार्रवाई से जुड़े मानवता के खिलाफ अपराध के मामले में उन्हें गैरहाजिरी में मौत की सजा सुनाई थी। इसके बाद से बांग्लादेश सरकार लगातार भारत से उनके प्रत्यर्पण की मांग कर रही है। अपने संबोधन में, शेख हसीना ने भारत की सराहना की और कहा कि भारत हमेशा बांग्लादेश का अच्छा मित्र रहा है।