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शेयर बाजार में तेजी: US-ईरान शांति समझौते से निवेशकों को मिला बड़ा लाभ

मुंबई के दलाल स्ट्रीट पर शेयर बाजार ने US-ईरान शांति समझौते के बाद जोरदार तेजी दिखाई है। तीन दिनों में सेंसेक्स में 3,000 अंक की वृद्धि हुई है, जिससे निवेशकों के पास 20 लाख करोड़ रुपये की राशि आ चुकी है। जानें इस तेजी के पीछे के कारण और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर निवेशकों की नजरें क्यों टिकी हैं।
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शेयर बाजार में तेजी: US-ईरान शांति समझौते से निवेशकों को मिला बड़ा लाभ

मुंबई में शेयर बाजार की शानदार वृद्धि

मुंबई: दलाल स्ट्रीट पर मंगलवार को लगातार तीसरे दिन शेयर बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली। अमेरिका और ईरान के बीच हुए ऐतिहासिक शांति समझौते के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिसका निवेशकों ने स्वागत किया। कच्चे तेल की कीमतों में कमी से देश में महंगाई में कमी आने और आर्थिक विकास की चिंताओं में राहत मिली है, जिससे घरेलू शेयर बाजार में व्यापक खरीदारी हुई। कारोबार के अंत में बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 544 अंक या 0.71 फीसदी की बढ़त के साथ 76,809 के स्तर पर बंद हुआ। इसी तरह, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 इंडेक्स भी 135.25 अंक या 0.57 फीसदी की वृद्धि के साथ 23,989 के स्तर पर मजबूत हुआ।


तीन दिनों में सेंसेक्स में 3,000 अंक की वृद्धि

तीन दिनों में सेंसेक्स में तेजी

जियोपॉलिटिकल तनाव में कमी और शांति समझौते की घोषणा के बाद बाजार में सकारात्मक माहौल बना हुआ है, जिसके चलते बेंचमार्क इंडेक्स पिछले तीन सत्रों में लगभग 4% बढ़ चुके हैं। इन तीन दिनों में सेंसेक्स में 4 फीसदी से अधिक की वृद्धि हुई है, जबकि निफ्टी में भी 3 फीसदी से अधिक का उछाल आया है। आंकड़ों के अनुसार, केवल तीन दिनों में सेंसेक्स 2,975.93 अंक और निफ्टी 827.55 अंक मजबूत हुआ है। इस रिकॉर्ड तोड़ तेजी के चलते शेयर बाजार के निवेशकों के पास इन तीन दिनों में लगभग 20 लाख करोड़ रुपये की राशि आ चुकी है।


निवेशकों की नजर अमेरिकी फेडरल रिजर्व की बैठक पर

अगली बैठक पर ध्यान

वैश्विक तनाव में कमी के बाद, निवेशकों और बाजार के विशेषज्ञों का ध्यान अब अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी बैठक पर केंद्रित हो गया है। नए चेयरमैन केविन वॉर्श की अध्यक्षता में यह पहली महत्वपूर्ण बैठक होगी। बाजार के जानकारों का मानना है कि इस बार बेंचमार्क ब्याज दरों के स्थिर रहने की उम्मीद है, लेकिन निवेशक फेडरल रिजर्व के 'फॉरवर्ड गाइडेंस' और उनकी टिप्पणियों पर बारीकी से नजर रखेंगे, क्योंकि इससे वैश्विक बाजारों की दिशा तय होगी।