श्वेत मलिक ने पंजाब सरकार पर लगाया आरोप, बी.बी.एम.बी. में 2,500 पद खाली छोड़ने का मामला
पंजाब को बी.बी.एम.बी. में इंजीनियरों की आवश्यकता
‘आप’ सरकार बी.बी.एम.बी. में पुलिस भेजती है, लेकिन पंजाब कोटे के 2,500 पद खाली छोड़ती है: श्वेत मलिक
पंजाब को बी.बी.एम.बी. में इंजीनियर और अधिकारी चाहिए, राजनीतिक दिखावा और पुलिस तैनाती नहीं: श्वेत मलिक
“अगर भगवंत मान पंजाब के पानी को लेकर गंभीर हैं, तो उनकी सरकार ने पंजाब कोटे के करीब 2,500 बी.बी.एम.बी. पद खाली क्यों छोड़े?”
अमृतसर: भारतीय जनता पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व सांसद श्वेत मलिक ने अमृतसर में एक प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि भगवंत मान की सरकार ने भाखड़ा ब्यास प्रबंधन बोर्ड (बी.बी.एम.बी.) में पंजाब कोटे के लगभग 2,500 पद खाली छोड़कर पंजाब के जल अधिकारों के प्रति अपनी असंवेदनशीलता को उजागर किया है। उन्होंने यह भी कहा कि जब पानी से संबंधित विवाद उठते हैं, तो पंजाब पुलिस को तुरंत तैनात कर दिया जाता है।
मलिक ने सवाल उठाया, “अगर भगवंत मान वास्तव में पंजाब के जल हितों की रक्षा के लिए गंभीर हैं, तो उनकी सरकार ने चार वर्षों से अधिक समय तक पंजाब कोटे के करीब 2,500 वैध बी.बी.एम.बी. पदों को खाली क्यों रखा?”
उन्होंने कहा कि बी.बी.एम.बी. में पंजाब की संस्थागत कमजोरी सीधे तौर पर मान सरकार की प्रशासनिक विफलता का परिणाम है। इसके विपरीत, हरियाणा ने अपने कोटे के पदों को भरने के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिससे उनकी संस्थागत उपस्थिति मजबूत हुई है।
मलिक ने कहा कि मान सरकार इस मुद्दे से अनजान होने का दावा नहीं कर सकती, क्योंकि अक्टूबर 2024 में उन्होंने कहा था कि पंजाब बी.बी.एम.बी. के रिक्त पदों को भरने की प्रक्रिया में है, लेकिन अब तक हजारों पद खाली हैं।
उन्होंने कहा, “पंजाब के पानी की रक्षा नारों और राजनीतिक प्रदर्शनों से नहीं हो सकती। विवाद के दौरान पुलिस तैनात की जा सकती है, लेकिन वह बी.बी.एम.बी. के भीतर पंजाब के वैध पदों पर नहीं बैठ सकती।”
मलिक ने पंजाब सरकार से रिक्त पदों को तुरंत भरने और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने कहा, “मान सरकार के पास अब कोई बहाना नहीं बचा है। उसने पंजाब के पानी पर भाषण तो दिए, लेकिन पद खाली छोड़ दिए।”
