संजुक्ता पराशर को मिली CoBRA यूनिट की कमान, नई चुनौतियों का सामना करेंगी
संजुक्ता पराशर की नई जिम्मेदारी
असम की 'आयरन लेडी' के नाम से मशहूर IPS अधिकारी संजुक्ता पराशर को अब CRPF की CoBRA यूनिट की कमान सौंपी गई है, जो जंगल और गुरिल्ला युद्ध में विशेषज्ञता रखती है। उनके पास फील्ड ऑपरेशनों और राष्ट्रीय सुरक्षा जांच का व्यापक अनुभव है, और अब उनकी जिम्मेदारी इस विशेष बल को नई चुनौतियों के लिए तैयार करना होगा।
जंगलों में मिली पहचान
संजुक्ता पराशर का करियर हमेशा चुनौतीपूर्ण फील्ड पोस्टिंग से जुड़ा रहा है। असम के उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में काम करते हुए, उन्होंने कई हथियारबंद समूहों के खिलाफ अभियानों में भाग लिया और कठिन परिस्थितियों में नेतृत्व किया। उनके कार्यों ने उन्हें 'आयरन लेडी ऑफ असम' के नाम से भी जाना जाने लगा।
CoBRA की भूमिका
CoBRA, यानी Commando Battalion for Resolute Action, CRPF की एक विशेष ऑपरेशनल यूनिट है, जिसे मुख्य रूप से जंगल और गुरिल्ला युद्ध के लिए प्रशिक्षित किया गया है। इसके जवान दुर्गम इलाकों में लंबी दूरी के ऑपरेशन, एंबुश, काउंटर-एंबुश और IED जैसे खतरों से निपटने में माहिर होते हैं। छत्तीसगढ़, झारखंड, ओडिशा और महाराष्ट्र जैसे नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में इसकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।
शिक्षा और अनुभव
संजुक्ता पराशर ने इंद्रप्रस्थ कॉलेज से राजनीति विज्ञान की पढ़ाई की और JNU से इंटरनेशनल रिलेशंस में उच्च शिक्षा प्राप्त की। 2006 में UPSC में 85वीं ऑल इंडिया रैंक हासिल कर उन्होंने IPS में प्रवेश लिया। NIA में DIG के रूप में कार्य करने से उन्हें आतंकवाद, उग्रवाद, जांच और इंटेलिजेंस आधारित ऑपरेशनों का अनुभव मिला है, जो CoBRA की कमान में उनके लिए लाभकारी साबित हो सकता है।
नई सुरक्षा चुनौतियाँ
CoBRA की जिम्मेदारी अब केवल नक्सल विरोधी अभियानों तक सीमित नहीं है। मणिपुर जैसे कठिन इलाकों में इसकी तैनाती और जंगल-पहाड़ी क्षेत्रों की सुरक्षा चुनौतियाँ इसकी भूमिका को और भी व्यापक बनाती हैं। जम्मू-कश्मीर में भी भविष्य में जंगल वारफेयर विशेषज्ञता की आवश्यकता हो सकती है। एक महिला IPS अधिकारी का इस स्तर पर कमांड संभालना CAPFs में महिलाओं की बढ़ती ऑपरेशनल भूमिका को भी दर्शाता है।
