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संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर उठी चिंताएं, मुख्यमंत्री को लिखा पत्र

मथुरा में संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। दिनेश फलाहारी ने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संत की सुरक्षा और केलिकुंज आश्रम की गतिविधियों की जांच की मांग की है। पत्र में आरोप लगाया गया है कि कुछ लोग आश्रम की आड़ में संपत्ति के धंधे में संलग्न हैं। संत के समर्थन में अन्य संत भी सामने आए हैं, जिन्होंने बिना सच्चाई जाने बयानबाजी करने की आलोचना की है। जानें इस मामले में क्या हो रहा है और संत प्रेमानंद महाराज के प्रति भक्तों की भावनाएं।
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संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा पर चिंता

मथुरा। श्रीकृष्ण जन्मभूमि मामले में दिनेश फलाहारी ने संत प्रेमानंद महाराज की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर संत की सुरक्षा सुनिश्चित करने और केलिकुंज आश्रम तथा उसके आस-पास की गतिविधियों की निष्पक्ष जांच की मांग की है। पत्र में उल्लेख किया गया है कि श्रीहित राधा केलिकुंज आश्रम से संबंधित गतिविधियों को लेकर दो पक्षों में मतभेद उत्पन्न हो गए हैं। आरोप है कि कुछ लोग आश्रम की आड़ में संपत्ति के धंधे में संलग्न हैं, जिन्होंने संस्था के प्रभाव का अनुचित लाभ उठाया है।

पत्र के अनुसार, संपत्ति और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण संत प्रेमानंद महाराज बेलवन स्थित आश्रम चले गए हैं। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब केलिकुंज आश्रम के आसपास से बच्चों के गायब होने की घटनाएं और संदिग्ध व्यक्तियों की गतिविधियों की आशंका जताई गई। भक्तों का मानना है कि संत की सुरक्षा देश और अध्यात्म के हित में अत्यंत आवश्यक है।


संत प्रेमानंद के समर्थन में अन्य संत

संत प्रेमानंद के समर्थन में आए संत और भागवताचार्य

संत प्रेमानंद की सुरक्षा को लेकर चिंता जताने के बाद ब्रज के अन्य संत और भागवताचार्य उनके समर्थन में खड़े हो गए हैं। उनका कहना है कि संत के खिलाफ बिना सच्चाई जाने बयानबाजी करना अनुचित है।

भागवताचार्य चित्रलेखा का बयान

भागवताचार्य चित्रलेखा ने कहा कि संत प्रेमानंद महाराज के बारे में लोग जो भी कह रहे हैं, वह अनुचित है। उन्होंने कहा कि किसी को भी बिना जानकारी के बड़ी बातें नहीं करनी चाहिए। यदि कोई घटना होती है, तो क्या किसी महान व्यक्ति पर आरोप लगाना सही है? अधूरा ज्ञान खतरनाक होता है, और यदि ज्ञान नहीं है तो मौन रहना चाहिए।

मलूक पीठाधीश्वर महंत राजेंद्र दास महाराज ने भी संत प्रेमानंद का नाम लिए बिना कहा कि समाज बड़े महापुरुषों की आलोचना करने में संकोच नहीं करता, लेकिन उनके योगदान को नजरअंदाज कर देता है।

भागवताचार्य अनिरुद्धाचार्य ने कहा कि मीडिया बिना सच्चाई जाने संत प्रेमानंद महाराज को बदनाम करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि संत ने लाखों श्रद्धालुओं को सनातन धर्म से जोड़ा है और उनके प्रवचनों ने लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाया है। ऐसे संत के खिलाफ आरोप लगाना उचित नहीं है।