संतों की शिक्षाएं समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत: हरियाणा के मुख्यमंत्री
संतों के योगदान पर मुख्यमंत्री का संबोधन
चंडीगढ़: हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा है कि संतों और महान आध्यात्मिक नेताओं का जीवन समाज के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनकी शिक्षाओं और आदर्शों का पालन करके ही मानवता, सेवा, भाईचारा और आध्यात्मिक मूल्यों को मजबूत किया जा सकता है।
पटियाला जिले के रोडेवाल स्थित गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब में बाबा पूरन दास जी महाराज की 60वीं और संत बाबा बलवंत सिंह जी (सिहोड़े वाले) की 12वीं पुण्यतिथि पर आयोजित धार्मिक सभा को संबोधित करते हुए श्री सैनी ने दोनों संतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि दोनों संतों ने अपना जीवन धर्म, तपस्या, जनकल्याण और मानवता की सेवा को समर्पित किया। जल संकट वाले क्षेत्रों में कुओं का निर्माण, शिक्षा के लिए विद्यालयों की स्थापना और गुरुद्वारों के निर्माण जैसे कार्य उनके समाज सुधारक स्वरूप को दर्शाते हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संत बाबा बलवंत सिंह जी ने मानव सेवा, आध्यात्मिक जागृति और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया तथा युवाओं को नैतिक और धार्मिक मूल्यों से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि पंजाब आज नशे जैसी सामाजिक बुराइयों की चुनौती का सामना कर रहा है। ऐसे समय में युवाओं को संतों की शिक्षाओं और नैतिक मूल्यों से जोड़ना बेहद आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि पंजाब और हरियाणा संतों, गुरुओं और वीर योद्धाओं की भूमि रहे हैं। समाज में भाईचारा, सद्भाव और सेवा की भावना को मजबूत करना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने गुरुद्वारा श्री गुफासर साहिब की प्रबंधन समिति द्वारा संचालित लंगर और सामाजिक सेवा गतिविधियों की भी सराहना की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु, संत और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
