संसद के बाहर छात्रों का प्रदर्शन, आंसू गैस का प्रयोग
प्रदर्शनकारियों का संसद के पास हंगामा
सोमवार को नीट-यूजी परीक्षा के पेपर लीक के मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शनकारियों ने संसद भवन के निकट प्रदर्शन किया। सुरक्षा बलों ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस का इस्तेमाल किया और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित 'संसद चलो' कार्यक्रम के तहत, सुबह से ही जंतर-मंतर पर बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी इकट्ठा हुए। पुलिस ने विभिन्न स्थानों पर बैरिकेड्स लगाकर रास्तों को बंद कर दिया। कुछ प्रदर्शनकारी जंतर-मंतर से निकलकर रेल भवन के चौराहे तक पहुँच गए।
सुरक्षा बलों ने संसद की ओर बढ़ रहे प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़े। प्रदर्शनकारी छात्रों ने सड़क पर बैठकर नारेबाजी की। कुछ ने बैरिकेड पार करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की कड़ी सुरक्षा के कारण वे सफल नहीं हो सके।
पुलिस ने समझाने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारी वहीं डटे रहे। अंततः, पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिससे प्रदर्शनकारी पीछे हटने को मजबूर हुए और सड़क को खाली कराया गया।
क्षेत्र में निषेधाज्ञा लागू होने के कारण सुरक्षा के व्यापक प्रबंध किए गए थे। कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर पुलिस ने उन्हें नजदीकी थाने में ले जाया।
सीजेपी ने 20 जून को जंतर-मंतर पर श्री प्रधान के इस्तीफे की मांग के साथ धरना शुरू किया था। शिक्षाविद् सोनम वांगचुक ने 28 जून को भूख हड़ताल शुरू की थी। दिल्ली पुलिस ने शनिवार को उन्हें जबरन अस्पताल में भर्ती कराया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों की संख्या में वृद्धि हुई।
