संसद के मानसून सत्र में एंटी पेपर लीक बिल पर हंगामा
संसद के मानसून सत्र की स्थिति
संसद के मानसून सत्र में मंगलवार को एंटी पेपर लीक बिल को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी बहस हुई। विपक्ष के हंगामे के कारण राज्यसभा की कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी, जिसके चलते सदन को पूरे दिन के लिए स्थगित कर दिया गया। इस दौरान सरकार ने स्पष्ट किया कि वह विधेयक पर विस्तृत चर्चा के लिए तैयार है और विपक्ष की मांग पर चर्चा का समय बढ़ाकर 10 घंटे करने को भी राजी है।
राज्यसभा में विपक्षी सांसदों ने एंटी पेपर लीक बिल सहित कई मुद्दों पर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। लगातार नारेबाजी और हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही बार-बार बाधित हुई। स्थिति सामान्य न होने पर सभापति ने कार्यवाही को दिनभर के लिए स्थगित कर दिया।
विधेयक पर चर्चा का समय
सदन में हंगामे के बीच सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम विकास (संशोधन) विधेयक, 2026 को पेश किया गया। संसदीय कार्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि सरकार एंटी पेपर लीक बिल पर व्यापक चर्चा चाहती है। उन्होंने बताया कि सभी दलों के बीच पहले इस विधेयक पर छह घंटे चर्चा कराने पर सहमति बनी थी। बाद में विपक्ष की मांग को देखते हुए इसे बढ़ाकर आठ घंटे किया गया। रिजिजू ने कहा कि अगर विपक्ष को और अधिक समय चाहिए तो सरकार चर्चा के लिए कुल 10 घंटे देने को भी तैयार है।
एंटी पेपर लीक बिल का महत्व
पब्लिक एग्जामिनेशंस (प्रिवेंशन ऑफ अनफेयर मीन्स) संशोधन विधेयक, 2026 का उद्देश्य प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक, नकल, संगठित धोखाधड़ी और परीक्षा प्रक्रिया में होने वाली अनियमितताओं पर सख्ती से रोक लगाना है। हाल के वर्षों में कई राष्ट्रीय और राज्य स्तरीय भर्ती एवं प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामलों के सामने आने के बाद इस कानून को और प्रभावी बनाने की आवश्यकता महसूस की गई। सरकार का कहना है कि संशोधन के बाद दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी।
विपक्ष की मांग
विपक्ष का कहना है कि इतने महत्वपूर्ण विधेयक पर जल्दबाजी में फैसला नहीं होना चाहिए और सभी सदस्यों को अपनी बात रखने का पर्याप्त अवसर मिलना चाहिए। विपक्ष ने व्यापक चर्चा की मांग करते हुए सदन में विरोध दर्ज कराया। वहीं सरकार का कहना है कि वह चर्चा से पीछे नहीं हट रही है और विपक्ष जितना समय चाहे, उतना समय देने को तैयार है ताकि सभी पक्ष अपनी राय रख सकें। राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित होने के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि अगले कार्यदिवस में एंटी पेपर लीक बिल पर विस्तृत चर्चा हो सकती है।
