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संसद के मानसून सत्र में हंगामा जारी, विपक्ष की तीन प्रमुख मांगें

संसद के मानसून सत्र के चौथे दिन भी हंगामा जारी रहा, जहां विपक्ष ने NEET पेपर लीक और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही स्थगित कर दी गई। विपक्षी दलों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार की मांग की है, जबकि सरकार ने चर्चा की पेशकश की है। जानें इस मुद्दे पर संसद में क्या हो रहा है और आगे की संभावनाएं क्या हैं।
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संसद में चौथे दिन का हंगामा


संसद का चौथा दिन: मानसून सत्र के चौथे दिन भी संसद में हंगामा थमने का नाम नहीं ले रहा है। NEET पेपर लीक, छात्रों पर पुलिस कार्रवाई और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष ने सरकार पर दबाव बनाए रखा। गुरुवार को भी विपक्षी सांसदों के विरोध प्रदर्शन के कारण लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके चलते दोनों सदनों को स्थगित करना पड़ा। 20 जुलाई 2026 से शुरू हुए इस सत्र के पहले तीन दिन भी विपक्षी विरोध के चलते अधिकतर कार्य नहीं हो सके थे। अब चौथे दिन भी संसद में गतिरोध के कारण कई महत्वपूर्ण विधायी कार्य लंबित रह गए हैं।


विपक्ष की प्रमुख मांगें

विपक्षी दल NEET पेपर लीक मामले पर सरकार से तात्कालिक चर्चा की मांग कर रहे हैं। उनकी मुख्य मांगों में परीक्षा प्रणाली में गड़बड़ियों पर संसद में विस्तृत बहस, जंतर-मंतर पर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई की जांच और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा शामिल है। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों का कहना है कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़ी हैं और इस मुद्दे पर संसद में गंभीर चर्चा होनी चाहिए। सरकार ने NEET मामले पर चर्चा की पेशकश की, लेकिन विपक्ष ने इसे अस्वीकार कर दिया। विपक्षी सांसदों ने राज्यसभा के नियम 267 और लोकसभा के नियम 56 के तहत तत्काल चर्चा के लिए अन्य सभी कार्यों को रोकने की मांग की। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी और मल्लिकार्जुन खरगे ने भी कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक विपक्ष का विरोध जारी रहेगा।


संसद में प्रदर्शन की स्थिति

गुरुवार को विपक्षी सांसदों ने संसद परिसर में मकर द्वार के पास प्रदर्शन किया। कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस विरोध में शामिल हुईं। प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेताओं ने NEET पेपर लीक और देश में परीक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाया। उनका आरोप है कि छात्रों की चिंताओं को गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। विपक्ष के प्रदर्शन के जवाब में सत्तारूढ़ गठबंधन के सांसदों ने भी संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया। NDA सांसदों ने तृणमूल कांग्रेस के सांसद कल्याण बनर्जी के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रदर्शन किया, जिन्हें महिला सांसदों के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में सदन से निलंबित किया गया है।


स्थगन प्रस्ताव का नोटिस

कांग्रेस सांसद केसी वेणुगोपाल ने लोकसभा में स्थगन प्रस्ताव का नोटिस देकर छात्र प्रदर्शन के दौरान पुलिस कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था के संकट पर तत्काल चर्चा की मांग की। इसी तरह का नोटिस कांग्रेस नेता रणदीप सुरजेवाला ने भी राज्यसभा में दिया। इसमें NEET पेपर लीक, छात्रों पर कथित पुलिस कार्रवाई और परीक्षा सुधारों पर चर्चा की मांग की गई। संसद के एजेंडे में गुरुवार को कई महत्वपूर्ण कार्य सूचीबद्ध थे, जिसमें सुप्रीम कोर्ट संशोधन विधेयक, 2026 पर चर्चा और पारित किए जाने का कार्यक्रम था। इसके अलावा प्रश्नकाल और 22 जुलाई से लंबित अन्य विधायी कार्य भी शामिल थे, लेकिन हंगामे के कारण सदन की कार्यवाही प्रभावित हुई। सभी की नजर है कि आने वाले दिनों में सरकार और विपक्ष के बीच कोई सहमति बनती है या संसद में हंगामा जारी रहता है।