संसद के मानसून सत्र में हंगामे की संभावना, विपक्ष ने किया विरोध प्रदर्शन का ऐलान
संसद का 12वां दिन: हंगामे की तैयारी
नई दिल्ली: संसद के मानसून सत्र का मंगलवार को 12वां दिन है, और लोकसभा तथा राज्यसभा में हंगामे की संभावना जताई जा रही है। विपक्ष अपनी प्रमुख मांगों को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना रहा है, जबकि केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयकों को पारित कराने की तैयारी कर रही है। इस प्रकार, आज का दिन संसद के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
विपक्षी दलों ने सुबह 10:30 बजे संसद के मकर द्वार पर एक संयुक्त विरोध प्रदर्शन का आयोजन करने का निर्णय लिया है। उनका कहना है कि दिल्ली में छात्र आंदोलन के दौरान हुए कथित लाठीचार्ज पर गृह मंत्री को सदन में स्पष्टीकरण देना चाहिए। इसके अलावा, अयोध्या के राम मंदिर में चढ़ावे से संबंधित कथित चोरी और अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया जाएगा।
इस बीच, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी संसद पुस्तकालय भवन में एनडीए संसदीय दल की साप्ताहिक बैठक ‘मंगल मिलन’ में भाग ले रहे हैं। इस बैठक में संसद की रणनीति और लंबित विधेयकों पर चर्चा होने की संभावना है।
आज लोकसभा में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश करेंगी, जिनमें कर व्यवस्था और डिजिटल बैंकिंग से संबंधित प्रस्ताव शामिल हैं। इसके अलावा, आयकर (संशोधन) विधेयक भी पेश किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य आयकर (संशोधन) विधेयक, जन्म-मृत्यु पंजीकरण (संशोधन) विधेयक, एमएसएमई विकास (संशोधन) विधेयक, विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान विधेयक और विदेशी अंशदान (एफसीआरए) संशोधन विधेयक को संसद से मंजूरी दिलाना है।
हालांकि, विपक्ष के आक्रामक रुख को देखते हुए सदन की कार्यवाही को सुचारु रूप से चलाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि सरकार और विपक्ष के बीच चल रहे टकराव के कारण संसद में एक बार फिर तीखी बहस और हंगामे का सामना करना पड़ सकता है।
