संसद के मॉनसून सत्र से पहले सर्वदलीय बैठक की तैयारी
सर्वदलीय बैठक का आयोजन
केंद्र सरकार ने संसद के मॉनसून सत्र की शुरुआत से पहले 19 जुलाई को एक सर्वदलीय बैठक आयोजित करने का निर्णय लिया है। इस बैठक में मोदी सरकार अपने सत्र के दौरान उठाए जाने वाले मुद्दों की रूपरेखा प्रस्तुत करेगी। साथ ही, विपक्षी दल भी इस बैठक में यह साझा करेंगे कि वे सत्र के दौरान किन मुद्दों को उठाने की योजना बना रहे हैं।
महत्वपूर्ण बिलों की संभावना
इस आगामी सत्र में केंद्र सरकार कई महत्वपूर्ण विधेयक पेश कर सकती है। इस बीच, विपक्ष NEET-UG पेपर लीक मामले और ऑपरेशन सिंदूर में हताहतों पर रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह की टिप्पणियों को उठाने की योजना बना रहा है। कांग्रेस ने राजनाथ सिंह के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का नोटिस भी दिया है।
केंद्रीय मंत्री की घोषणा
केंद्रीय संसदीय मंत्री किरेन रिजिजू ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में जानकारी दी कि भारत सरकार की सिफारिश पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने संसद के दोनों सदनों को मॉनसून सत्र 2026 के लिए बुलाने की मंजूरी दी है। यह सत्र 20 जुलाई 2026 को प्रारंभ होगा और 13 अगस्त 2026 तक राष्ट्रीय महत्व के मुद्दों पर चर्चा के लिए चलेगा।
विपक्ष का ध्यान राम मंदिर मुद्दे पर
इस मॉनसून सत्र में विपक्षी दल राम मंदिर के चढ़ावे की चोरी के मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाने की योजना बना रहे हैं। इस मुद्दे पर विपक्ष बीजेपी को बैकफुट पर ला सकता है। इसके अलावा, प्रस्तावित 130वें संविधान संशोधन विधेयक की जांच कर रही जॉइंट पार्लियामेंट्री कमेटी (JPC) 17 जुलाई को अपनी रिपोर्ट संसद में पेश करने की उम्मीद कर रही है।
विपक्षी दलों में उथल-पुथल
सत्र से पहले, कई विपक्षी दलों में उथल-पुथल देखने को मिली है। विधानसभा चुनाव में हार के बाद तृणमूल कांग्रेस के 20 सांसद नेशनल सिटिजन्स पार्टी ऑफ इंडिया में शामिल हो गए हैं। इसके अलावा, टीएमसी के तीन सांसद अपनी राज्यसभा सीटों से इस्तीफा देकर बीजेपी में शामिल हो गए हैं। शिवसेना (UBT) के 6 लोकसभा सांसद भी एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो गए हैं। इससे पहले, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी के 7 सांसद बीजेपी में शामिल हो चुके हैं।
