संसद में NEET पेपर लीक पर हंगामा, विपक्ष ने उठाई आवाज
लोकसभा में पेश हुआ लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक
नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र में सोमवार को लोकसभा में लोक परीक्षा (संशोधन) विधेयक पेश किया गया, जिसका उद्देश्य पेपर लीक की घटनाओं को रोकना है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने इस विधेयक को सदन में प्रस्तुत किया, लेकिन विपक्ष के तीव्र विरोध और नारेबाजी के कारण कार्यवाही सुचारू रूप से नहीं चल सकी।
जब विधेयक पेश किया गया, तब विपक्षी सांसदों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और NEET पेपर लीक मामले के साथ-साथ छात्रों पर हुई कथित पुलिस कार्रवाई के बारे में स्पष्टीकरण मांगा। इस हंगामे के चलते लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की कार्यवाही को दोपहर 12 बजे तक स्थगित कर दिया। जब बैठक फिर से शुरू हुई, तब भी शोर-शराबा जारी रहा, जिसके कारण कार्यवाही को दोपहर 2 बजे तक के लिए टाल दिया गया। इसी तरह, राज्यसभा की कार्यवाही भी दोपहर 2 बजे तक स्थगित कर दी गई।
संसद के भीतर और बाहर विपक्ष का विरोध प्रदर्शन जारी रहा। कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों के सांसदों ने संसद परिसर के मकर द्वार पर प्रदर्शन करते हुए NEET पेपर लीक मामले और छात्रों पर हुई पुलिस कार्रवाई के लिए सरकार से जवाबदेही की मांग की। इस बीच, पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने इस्तीफा देने के बाद पहली बार संसद में प्रवेश किया। संसद भवन परिसर में एनडीए के सांसदों ने उनका स्वागत शॉल और मिथिला पाग पहनाकर किया। समर्थक सांसदों ने उनके समर्थन में नारे भी लगाए और उन्हें संसद भवन के भीतर तक साथ लेकर गए।
आपको ज्ञात होगा कि NEET पेपर लीक विवाद के चलते धर्मेंद्र प्रधान ने 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा दिया था। अब संसद में इसी मुद्दे पर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच टकराव बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है।
