संसद में छात्रों के प्रदर्शन पर गतिरोध, मानसून सत्र स्थगित
संसद में छात्रों के विरोध का असर
नई दिल्ली: नीट परीक्षा के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई को लेकर संसद में गतिरोध बना रहा। गुरुवार को मानसून सत्र के अंतिम दिन लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। स्पीकर ओम बिरला ने वंदे मातरम् का पूरा गायन कराने के बाद स्थगन की घोषणा की।
सदन की कार्यवाही की शुरुआत स्पीकर ओम बिरला के अनुरोध से हुई, जिसमें उन्होंने सदस्यों से राष्ट्रीय गीत वंदे मातरम् के सम्मान में खड़े होने को कहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह भी सदन में उपस्थित थे। जैसे ही गीत का गायन समाप्त हुआ, स्पीकर ने लोकसभा की कार्यवाही को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित करने की घोषणा की।
विपक्ष का विरोध जारी
सुबह 11 बजे सत्र की शुरुआत से पहले विपक्षी सांसदों ने मकर द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया। 21 जुलाई से शुरू हुए मानसून सत्र के दौरान दोनों सदनों में कई बार कार्यवाही बाधित हुई। विपक्ष जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों के साथ पुलिस की कथित बर्बरता और अयोध्या राम मंदिर चंदे के विवाद जैसे मुद्दों पर चर्चा की मांग कर रहा था।
सदन में हुई चर्चाएँ
विपक्ष ने 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान पुलिस की कथित ज्यादतियों पर गृह मंत्री अमित शाह के बयान की मांग की थी। बुधवार को संसद ने केरल का नाम बदलने वाले बिल और एनसीडीसी संशोधन बिल को मंजूरी दी। इस सत्र में संसद ने कुल 19 बिल पास किए, जिनमें से सात बिल बिना किसी चर्चा के केवल 36 मिनट में पारित हुए।
राज्यसभा में हंगामा
राज्यसभा में हल्द्वानी के रामलीला मैदान में 8 अगस्त को कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे की रैली के बाद शुद्धिकरण रस्म को लेकर हंगामा हुआ। खरगे ने आरोप लगाया कि इस शुद्धिकरण के पीछे भाजपा का हाथ है। भाजपा नेता जेपी नड्डा ने कहा कि पार्टी ऐसी हरकतों का समर्थन नहीं करती और इसकी जांच की जाएगी। मानसून सत्र छात्रों के प्रदर्शन के मुद्दे पर गतिरोध के साथ समाप्त हुआ, और दोनों सदन अब अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हैं। शीतकालीन सत्र में ये मुद्दे फिर से उठाए जा सकते हैं।
