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संसद में नीट पेपर लीक पर चर्चा की मांग, कांग्रेस पर उठे सवाल

राज्यसभा में नीट पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा की मांग को लेकर संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कांग्रेस पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि सभी प्रमुख दल चर्चा के लिए तैयार हैं, लेकिन कांग्रेस बाधा डाल रही है। विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने भी चर्चा की इच्छा जताई, लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की शर्त रखी। इस बीच, उपसभापति ने चर्चा के प्रस्ताव को अस्वीकार कर दिया। जानें पूरी स्थिति के बारे में।
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संसद में नीट पेपर लीक पर चर्चा की स्थिति


संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने बुधवार को राज्यसभा में बताया कि कांग्रेस को छोड़कर सभी प्रमुख राजनीतिक दल राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट) पेपर लीक के मुद्दे पर चर्चा के लिए सहमत हैं। उन्होंने कहा कि केवल कांग्रेस इस मामले में बाधा उत्पन्न कर रही है।


रिजिजू ने विपक्षी सदस्यों के शोर-शराबे के बीच कहा कि सरकार हर मुद्दे पर चर्चा के लिए तैयार है। उन्होंने सभापति से समय निर्धारित करने की बात की और कहा कि चर्चा नियमों के अनुसार ही होगी।


उन्होंने यह भी बताया कि सभी प्रमुख दलों के नेताओं से बातचीत की गई है और सभी चर्चा के लिए इच्छुक हैं, लेकिन कांग्रेस इस पर सहमत नहीं है। कांग्रेस के सदस्य मांग करते हैं, लेकिन फिर शोर मचाने लगते हैं।


सदन के नेता जगत प्रकाश नड्डा ने भी रिजिजू की बातों का समर्थन किया और कहा कि कांग्रेस को लोकतंत्र में विश्वास नहीं है।


विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि उनकी पार्टी भी चर्चा चाहती है, लेकिन पहले शिक्षा मंत्री का इस्तीफा होना चाहिए। तभी निष्पक्ष चर्चा संभव है।


इस बीच, उपसभापति हरिवंश ने बताया कि नियम 267 के तहत चर्चा के प्रस्ताव अस्वीकार कर दिए गए हैं, क्योंकि वे नियमों के अनुसार नहीं थे। द्रमुक के तिरुची शिवा ने कहा कि यह मामला वास्तव में विरल है।


शोर-शराबा बढ़ने पर उपसभापति ने सदन की कार्यवाही अपराह्न तीन बजे तक के लिए स्थगित कर दी।