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संसद में हंगामे के बीच छात्रों का प्रदर्शन, विपक्ष ने उठाए कई मुद्दे

सोमवार को नई दिल्ली में छात्रों का प्रदर्शन और संसद में विपक्ष का हंगामा देखने को मिला। विपक्ष ने पुलिस के लाठीचार्ज, राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी और इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल जैसे मुद्दों को उठाया। लोकसभा और राज्यसभा की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई। कानून मंत्री ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का विधेयक पेश किया। जानें इस घटनाक्रम के सभी महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
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नई दिल्ली में प्रदर्शन और संसद का हंगामा


सोमवार को नई दिल्ली में छात्रों और युवाओं ने सड़कों पर प्रदर्शन किया, जबकि संसद के अंदर विपक्ष ने जोरदार हंगामा किया। विपक्ष ने प्रदर्शनकारी युवाओं पर पुलिस द्वारा लाठीचार्ज का मुद्दा उठाया और राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी जैसे कई अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की। इसके अलावा, इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल का मुद्दा भी उठाया गया। विपक्ष के हंगामे के कारण दोनों सदनों की कार्यवाही कई बार स्थगित हुई और अंततः पूरे दिन के लिए समाप्त कर दी गई।


जब लोकसभा की कार्यवाही सुबह 11 बजे शुरू हुई, तो सदन लगभग 10 मिनट भी नहीं चल सका। विपक्ष के हंगामे के कारण स्पीकर ने कार्यवाही को 12 बजे तक स्थगित कर दिया। इसके बाद चार बार और सदन को स्थगित करना पड़ा, और अंततः दोपहर तीन बजे के आसपास छठी बार के स्थगन के बाद कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित कर दी गई। राज्यसभा भी पूरे दिन में छह बार स्थगित हुई और उसके बाद कार्यवाही समाप्त कर दी गई।


विपक्षी सांसद नीट पेपर लीक और राम मंदिर चढ़ावे की चोरी पर चर्चा की मांग कर रहे थे। कुछ सांसद सदन के अंदर पोस्टर और बैनर लेकर पहुंचे थे। राज्यसभा में मल्लिकार्जुन खड़गे ने जंतर मंतर पर हुए प्रदर्शन पर चर्चा की। उन्होंने कहा, 'जंतर मंतर पर बच्चे इकट्ठा हुए, उनकी आवाज को दबाया जा रहा है। सरकार ने उन पर लाठीचार्ज किया।'


हंगामे के बीच, लोकसभा में कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने वाला विधेयक पेश किया। इससे पहले, संसद की कार्यवाही शुरू होने से पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने संसद के हंस द्वार पर मीडिया से बात की। उन्होंने कहा, 'मानसून हो या मानसून सत्र, अगर दोनों सक्रिय रहें तो बहुत ही उत्पादक होते हैं। संसद में तर्क के साथ चर्चा होनी चाहिए।'


कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने लोकसभा में सुप्रीम कोर्ट के जजों की संख्या बढ़ाने का विधेयक पेश किया। सुप्रीम कोर्ट में जजों की स्वीकृत संख्या 34 से बढ़ाकर 38 कर दी गई है। यह संख्या अध्यादेश के माध्यम से बढ़ाई गई थी और यह विधेयक मई में लाए गए अध्यादेश की जगह लेगा। इसे साधारण बहुमत से संसद में पास कराया जाएगा।