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सऊदी अरब ने मक्का के निकट ड्रोन को किया नष्ट, हूती विद्रोहियों ने किया खंडन

सऊदी अरब ने मक्का के निकट एक ड्रोन को नष्ट करने का दावा किया है, जबकि हूती विद्रोहियों ने इस आरोप को खारिज किया है। यह घटना उस समय हुई है जब क्षेत्रीय तनाव बढ़ रहा है। सऊदी अधिकारियों का कहना है कि यह हूतियों द्वारा मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश है। वहीं, हूती पक्ष ने इसे निराधार बताया है। जानें इस विवाद के पीछे की पूरी कहानी और क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बारे में।
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सऊदी अरब की वायु रक्षा प्रणाली की सफलता

रियाद: सऊदी अरब ने यह जानकारी दी है कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने मक्का के दक्षिण में एक ड्रोन को उस समय नष्ट कर दिया, जब वह पवित्र शहर के प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र की ओर बढ़ रहा था। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-मलिकी ने बताया कि मक्का और वहां के जायरीनों की सुरक्षा सऊदी अरब के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने भविष्य में ऐसे हमलों के खिलाफ आवश्यक कदम उठाने की चेतावनी दी।


हूती विद्रोहियों का खंडन

हालांकि, हूती विद्रोहियों ने मक्का को निशाना बनाने के सऊदी आरोप को खारिज किया है। हूती नेता हाजेम अल-असद ने सोशल मीडिया पर इस दावे को पुराना और निराधार बताया। इस प्रकार, ड्रोन की वास्तविक उत्पत्ति और उसके लक्ष्य को लेकर दोनों पक्षों के दावे भिन्न हैं।


ड्रोन का नष्ट होना

सऊदी अधिकारियों के अनुसार, ड्रोन को 15 सितंबर की शाम लगभग 6:50 बजे मक्का के दक्षिण में प्रतिबंधित हवाई क्षेत्र में प्रवेश करने से पहले ही नष्ट कर दिया गया। अल-मलिकी ने इसे हूतियों द्वारा मक्का को निशाना बनाने की दूसरी कोशिश बताया। इससे पहले, जुलाई 2017 में भी सऊदी पक्ष ने मक्का की ओर बैलिस्टिक मिसाइल दागे जाने का दावा किया था।


क्षेत्रीय तनाव में वृद्धि

मक्का के निकट ड्रोन गिराए जाने की यह घटना उस समय हुई है जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच तनाव बढ़ रहा है। सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के अनुसार, हूतियों ने हाल के दिनों में खमीस मुशैत, अबहा और ताइफ जैसे सऊदी क्षेत्रों को निशाना बनाकर मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं, जिनमें 13 नागरिक घायल हुए हैं। हूती पक्ष का कहना है कि ये हमले यमन में सऊदी हवाई कार्रवाई के जवाब में किए जा रहे हैं।


हूती विद्रोहियों की बढ़ती गतिविधियाँ

हूतियों ने सऊदी हवाई हमलों का भी दावा किया है। उनके अनुसार, सऊदी लड़ाकू विमानों ने यमन के कई प्रांतों में हमले किए हैं। हूती मीडिया ने तैज प्रांत में नागरिकों के मारे जाने और घायल होने का भी दावा किया है, लेकिन इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।


सऊदी अरब की चिंताएँ

यमन के पश्चिमी तट पर हूती विद्रोहियों की हालिया बढ़त ने सऊदी अरब की चिंताओं को बढ़ा दिया है। हूतियों ने रणनीतिक बंदरगाह शहर मोखा पर कब्जा करने के बाद मायून द्वीप पर भी नियंत्रण स्थापित किया है। इसके बाद लाल सागर के कई रणनीतिक द्वीपों और इलाकों पर उनकी पकड़ मजबूत होने की खबरें आई हैं।


बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य का महत्व

बाब अल-मंदब जलडमरूमध्य लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है और वैश्विक समुद्री व्यापार के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस मार्ग का महत्व सऊदी अरब के लिए और बढ़ जाता है क्योंकि लाल सागर के रास्ते तेल और अन्य सामानों की आवाजाही इससे प्रभावित हो सकती है। हूतियों की बढ़ती मौजूदगी ने क्षेत्रीय समुद्री सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ाई है।


सऊदी क्राउन प्रिंस की मिस्र यात्रा

बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच, सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान ने मिस्र की यात्रा की और राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सीसी से मुलाकात की। दोनों पक्षों ने लाल सागर और बाब अल-मंदब में समुद्री आवाजाही की सुरक्षा और स्वतंत्रता सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता जताई। मिस्र ने सऊदी अरब के प्रति अपना समर्थन भी दोहराया।


धार्मिक स्थलों की सुरक्षा पर चिंता

मक्का के पास ड्रोन गिराए जाने की घटना ने क्षेत्रीय तनाव के बीच धार्मिक स्थलों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। सऊदी सैन्य प्रवक्ता ने स्पष्ट किया है कि दोनों पवित्र मस्जिदों और जायरीनों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। वहीं, हूती पक्ष के इनकार के चलते ड्रोन के लक्ष्य को लेकर विवाद बना हुआ है।