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सतलुज फिल्म की डिजिटल रिलीज़ पर विवाद: सेलेब्स ने उठाए गंभीर सवाल

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ZEE5 से हटाने के बाद से पूरे देश में बहस छिड़ गई है। इस फिल्म ने दर्शकों से शानदार प्रतिक्रिया प्राप्त की थी, लेकिन अचानक हटाए जाने से कई सेलेब्स और दर्शक नाराज हैं। सुखबीर सिंह बादल और रणवीर शौरी जैसे प्रमुख व्यक्तियों ने इस निर्णय की कड़ी निंदा की है। जानें इस विवाद के पीछे की कहानी और फिल्म की महत्वपूर्ण विषयवस्तु के बारे में।
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सतलुज फिल्म की अचानक हटाने पर विवाद

दिलजीत दोसांझ की फिल्म 'सतलुज' को ZEE5 इंडिया से केवल दो दिन बाद हटा दिया गया, जिससे पूरे देश में बहस छिड़ गई है। यह फिल्म, जो कई सालों की देरी और सेंसरशिप के बाद 3 जुलाई को रिलीज़ हुई थी, अब अगली सूचना तक उपलब्ध नहीं है। इस निर्णय ने दर्शकों, नेताओं और फिल्म उद्योग की कई प्रमुख हस्तियों में नाराजगी पैदा की है, जिन्होंने इसे बोलने की आज़ादी पर एक बड़ा आघात बताया है।


फिल्म की रिलीज़ के 48 घंटे बाद हटाई गई

पहले 'पंजाब 95' नाम से जानी जाने वाली इस फिल्म को अंततः 'सतलुज' के नाम से ZEE5 पर रिलीज़ किया गया। हालांकि, इसके डेब्यू के 48 घंटे के भीतर ही, स्ट्रीमिंग प्लेटफ़ॉर्म ने इसे भारत में दर्शकों के लिए उपलब्ध नहीं रखा।


सतलुज की कहानी

यह फिल्म मानवाधिकार कार्यकर्ता जसवंत सिंह खालरा की ज़िंदगी पर आधारित है, जिन्होंने 1990 के दशक में पंजाब में मिलिटेंसी के दौरान हजारों सिखों के कथित गैर-कानूनी अंतिम संस्कार और गायब होने का खुलासा किया था। उनकी सच सामने लाने की कोशिशों के कारण वे खुद भी गायब हो गए और उन पर कथित तौर पर एक्स्ट्राज्यूडिशियल किलिंग का आरोप लगा।


दर्शकों का सकारात्मक रिस्पॉन्स

हालांकि फिल्म थोड़े समय के लिए उपलब्ध रही, लेकिन इसे दर्शकों से शानदार सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली। कई लोगों ने इसे एक भावनात्मक और प्रभावशाली फिल्म बताया, और सोशल मीडिया पर इसे देखने की सिफारिश करने वाले संदेशों की बाढ़ आ गई। फिल्म को IMDb पर 9.7/10 की उच्च रेटिंग भी मिली।


सुखबीर सिंह बादल की प्रतिक्रिया

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने फिल्म को हटाने की कड़ी निंदा की और इसे बोलने की आज़ादी पर हमला बताया।



रणवीर शौरी की निराशा

एक्टर रणवीर शौरी ने भी निराशा व्यक्त की, उन्होंने कहा कि वह फिल्म देखने का इंतजार कर रहे थे। उन्होंने सवाल किया कि एक ऐसा देश जो कहानी कहने की समृद्ध परंपरा रखता है, वह क्यों लोगों को सीखने देने के बजाय कहानियों को दबाता है।



संजय गुप्ता और सोनी राजदान की प्रतिक्रिया

फिल्म निर्माता संजय गुप्ता ने इस निर्णय पर हैरानी जताई और एक संक्षिप्त लेकिन सटीक प्रतिक्रिया दी। एक्ट्रेस सोनी राजदान ने भी ZEE5 की घोषणा पर अपनी निराशा व्यक्त की।


फैंस की नाराजगी

इस निर्णय से दर्शक भी नाराज हैं, कई ने सोशल मीडिया पर फिल्म को हटाने का कारण पूछा। कुछ यूज़र्स ने अनऑफिशियल डाउनलोड लिंक भी साझा करना शुरू कर दिया, यह दावा करते हुए कि फिल्म को स्ट्रीमिंग प्लेटफॉर्म से हटाए जाने के बावजूद एक्सेस किया जाना चाहिए।


दिलजीत दोसांझ की भविष्यवाणी

फिल्म हटाए जाने से पहले, दिलजीत दोसांझ ने लाइव बातचीत के दौरान इशारा किया था कि उन्हें उम्मीद है कि 'सतलुज' को जल्द ही OTT से हटा दिया जाएगा। फिल्म हटाए जाने के बाद, उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक सीन साझा किया जिसमें उनका कैरेक्टर कहता है, “मैं अंधेरे को चुनौती देता हूं।”


विवाद का बढ़ता दायरा

राजनीतिक नेताओं, एक्टर्स, फिल्म निर्माताओं और दर्शकों के बीच इस मुद्दे पर बहस जारी है। 'सतलुज' अब केवल एक फिल्म नहीं रह गई है, बल्कि यह सेंसरशिप, ऐतिहासिक कहानी कहने और कलात्मक अभिव्यक्ति की आज़ादी पर एक महत्वपूर्ण चर्चा का केंद्र बन गई है।