सरकार ने गेहूं और धान के MSP में मामूली वृद्धि की
सरकारी MSP में बदलाव
सरकार ने आगामी रबी सीजन के लिए गेहूं का न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) केवल 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है। यह वृद्धि 1% से भी कम है, जो इस बात का संकेत है कि देश में गेहूं का भंडार काफी अधिक है। अधिकारियों का कहना है कि गेहूं की खेती पर प्रति क्विंटल लागत 1,264 रुपये आती है, जबकि MSP इससे दोगुना है। इसी तरह, धान के MSP में भी कुछ समानता देखी जा रही है।
खरीफ फसलों का MSP
केंद्र सरकार ने खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए सामान्य धान का MSP 72 रुपये बढ़ाकर 2,441 रुपये प्रति क्विंटल कर दिया है, जो लगभग 3% की वृद्धि है। पिछले पांच वर्षों में खुदरा महंगाई में 27% की वृद्धि हुई है, जिससे यह सवाल उठता है कि क्या किसानों को उनकी फसलों की उचित कीमत मिल रही है।
रबी फसलों की MSP में वृद्धि (2022-23 से 2027-28)
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, गेहूं का MSP 2027-28 के लिए 25 रुपये बढ़कर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल हो गया है। 2022-23 में यह 2,015 रुपये था, जिससे पिछले पांच वर्षों में 595 रुपये (लगभग 30%) की वृद्धि हुई है। जौ का MSP 1,635 रुपये से बढ़कर 2,286 रुपये हुआ, जो 40% की वृद्धि दर्शाता है। चना का MSP 5,230 रुपये से बढ़कर 5,958 रुपये हुआ, जो रबी में सबसे कम 14% की वृद्धि है। मसूर का MSP 5,500 रुपये से बढ़कर 7,390 रुपये हुआ, यानी 34% की वृद्धि।
खरीफ फसलों की MSP में वृद्धि (2021-22 से 2026-27)
आंकड़ों के अनुसार, सामान्य धान का MSP 1,940 रुपये से बढ़कर 2,441 रुपये हुआ, जो 26% की वृद्धि है। ए-ग्रेड धान का MSP 1,960 रुपये से बढ़कर 2,461 रुपये हुआ, जिसमें भी 26% की वृद्धि देखी गई। हाइब्रिड ज्वार का MSP 2,738 रुपये से बढ़कर 4,023 रुपये हुआ, जो 47% की वृद्धि है।
महंगाई के संदर्भ में MSP की वृद्धि
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, पिछले पांच वर्षों में महंगाई लगभग 26-27% बढ़ी है। MSP कुछ फसलों में इस दर से आगे रही, कुछ में बराबर और कुछ में पीछे। दालों में जैसे अरहर, मसूर, और उड़द महंगाई के हिसाब से सबसे आगे रहे। वहीं, गेहूं का MSP केवल 0.97% बढ़ा, जबकि अगस्त 2026 में महंगाई 4.82% थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि गेहूं का असल मूल्य घटा है।
