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सरकार ने निर्यात पर पेट्रोल-डीजल के उत्पाद शुल्क में वृद्धि की

भारत सरकार ने निर्यातित पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में वृद्धि की है, जबकि विमान ईंधन पर इसे घटाया गया है। यह निर्णय घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से लिया गया है। जानें इस बदलाव के पीछे के कारण और इससे प्रभावित दरें क्या हैं।
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पेट्रोल और डीजल पर उत्पाद शुल्क में बदलाव


भारत सरकार ने निर्यातित पेट्रोल और डीजल पर मंगलवार से उत्पाद शुल्क में वृद्धि की है, जबकि विमान ईंधन पर इसे घटाया गया है। वित्त मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार, निर्यातित पेट्रोल पर विशेष अतिरिक्त उत्पाद शुल्क (एसएईडी) को शून्य से बढ़ाकर 1.50 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।


डीजल पर उत्पाद शुल्क अब 25 रुपये प्रति लीटर हो गया है, जो पहले 24 रुपये था। इसमें एसएईडी 24 रुपये पर स्थिर रखा गया है, जबकि सड़क एवं अवसंरचना उपकर (आरआईसी) को एक रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।


विमान ईंधन पर एसएईडी को 19 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है, जो पहले 19.50 रुपये था, इस प्रकार उत्पाद शुल्क में 50 पैसे की कमी आई है।


27 मार्च को निर्यातित पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन पर एसएईडी और आरआईसी लागू किया गया था। इसका उद्देश्य निर्यात को कम करना और पश्चिम एशिया संकट के बीच घरेलू उपभोक्ताओं के लिए पेट्रोलियम उत्पादों की उपलब्धता सुनिश्चित करना था। इन दरों की समीक्षा हर पखवाड़े की जाती है और यह अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल, पेट्रोल, डीजल और विमान ईंधन की कीमतों पर निर्भर करती हैं।