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सरकार ने मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोका

सरकार ने मोबाइल फोन पर आने वाले तेज आवाज वाले इमरजेंसी अलर्ट मैसेजों की सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है, और इसके पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया गया है। इस सेवा का उद्देश्य आपातकालीन स्थितियों में लोगों को तुरंत चेतावनी देना था। जानें इस सेवा के बारे में और इसके प्रभाव के बारे में अधिक जानकारी।
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सरकार ने मोबाइल इमरजेंसी अलर्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोका

मोबाइल पर इमरजेंसी अलर्ट सेवा का निलंबन

नई दिल्ली: सरकार ने मोबाइल फोन पर तेज आवाज के साथ आने वाले इमरजेंसी अलर्ट मैसेजों की सेल ब्रॉडकास्ट सेवा को अस्थायी रूप से रोकने का निर्णय लिया है। यह सेवा मई में शुरू की गई थी और अब इसे अगले आदेश तक निलंबित कर दिया गया है। राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (NDMA) के अधिकारियों ने इस बारे में जानकारी दी है।


एनडीएमए द्वारा जारी की गई एडवाइजरी में बताया गया है कि यह कदम एहतियात के तौर पर उठाया गया है और यह अगले निर्देश तक प्रभावी रहेगा। सेल ब्रॉडकास्ट सेवा के तहत स्मार्टफोन उपयोगकर्ताओं की स्क्रीन पर उच्च प्राथमिकता वाले अलर्ट पॉपअप होते थे, जिनके साथ तेज आवाज भी सुनाई देती थी। कुछ उपकरणों में यह सुविधा भी थी कि मैसेज को पढ़कर सुनाया जा सके।


इस सेवा का मुख्य उद्देश्य आपदा और आपातकालीन स्थितियों में लोगों को तुरंत चेतावनी देना था। हाल ही में उत्तर भारत में आए तेज आंधी, तूफान और ओलावृष्टि के दौरान भी इसी प्रणाली के माध्यम से अलर्ट जारी किए गए थे, ताकि लोग सुरक्षित स्थानों पर पहुंच सकें।


हालांकि, अधिकारियों ने इस सेवा को बंद करने के पीछे कोई स्पष्ट कारण नहीं बताया है। संकेत मिले हैं कि संबंधित एजेंसियां तकनीकी पहलुओं और पूरी प्रक्रिया की समीक्षा कर सकती हैं।


सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम पारंपरिक SMS अलर्ट से काफी भिन्न है। इसमें इंटरनेट या मोबाइल नेटवर्क की आवश्यकता नहीं होती और यह किसी विशेष क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक वास्तविक समय में संदेश पहुंचा सकता है। भारी नेटवर्क ट्रैफिक के दौरान भी यह सेवा प्रभावी रहती है, जबकि सामान्य SMS सेवाओं में देरी हो सकती है।


इस प्रणाली को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने दूरसंचार विभाग (DoT), एनडीएमए और गृह मंत्रालय के सहयोग से विकसित किया है। इसका उपयोग आपदा, आपातकालीन स्थिति और मौसम संबंधी चेतावनियों के लिए किया जाता है।