साइप्रस में तुर्की फेरी डूबने से 8 की मौत, 18 लापता
साइप्रस में फेरी डूबने की घटना
निकोसिया: उत्तरी साइप्रस के तट पर एक तुर्की फेरी के डूबने के बाद राहत और बचाव कार्य जारी है। इस दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़कर 8 हो गई है, जबकि 18 लोग अब भी लापता हैं। डबल-हल वाली इस फेरी में 259 यात्री और 8 चालक दल के सदस्य सवार थे। रविवार दोपहर कायरिनिया बंदरगाह से निकलने के कुछ समय बाद ही फेरी में पानी भरना शुरू हो गया और वह पलट गई। अधिकारियों के अनुसार, सोमवार तक 241 लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया था।
सिन्हुआ समाचार एजेंसी के अनुसार, पलटने के बाद फेरी समुद्र में 500 मीटर से अधिक गहराई में डूब गई। यह स्पष्ट नहीं है कि कोई व्यक्ति जहाज के अंदर फंसा था या नहीं। हालांकि, सोशल मीडिया पर साझा किए गए कुछ वीडियो से संकेत मिलता है कि फेरी के डूबने के समय उसके एक हिस्से में कुछ लोग मौजूद थे। तुर्की ने खोज अभियान में सहायता के लिए एक गहरे समुद्र में काम करने वाला रिमोट संचालित वाहन (आरओवी) भेजने का निर्णय लिया है, जो मंगलवार तक दुर्घटनास्थल पर पहुंचने की उम्मीद है।
तुर्की साइप्रस अधिकारियों ने फेरी के कप्तान और चालक दल के सात अन्य सदस्यों को हिरासत में लिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, इस फेरी में पहले भी पानी रिसने की समस्या रही थी और इसकी मरम्मत कराई गई थी। कुछ बचे हुए यात्रियों ने आरोप लगाया कि कप्तान और चालक दल के सदस्य सबसे पहले नाव से बाहर निकल गए और यात्रियों को सुरक्षित निकलने के लिए कोई स्पष्ट निर्देश नहीं दिए गए।
शनिवार को साइप्रस में तेज तूफान आया था और रविवार को भी समुद्र की स्थिति काफी खराब रही। हालांकि, अधिकारियों का कहना है कि उस समय मौसम को देखते हुए फेरी का कायरिनिया से लगभग 120 किलोमीटर उत्तर में स्थित तुर्की के तासुकु बंदरगाह के लिए रवाना होना सुरक्षित माना गया था।
अधिकारियों ने कहा कि फेरी के पलटने की असली वजह की जांच अभी जारी है। इस साल की शुरुआत में सूडान में भी इसी तरह की एक घटना हुई थी, जिसमें कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई थी। सूडान की सिविल डिफेंस अथॉरिटी के एक अधिकारी के अनुसार, ऊंची लहरों के कारण नाव पलट गई थी। बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर 15 से अधिक शव बरामद किए थे। इस हादसे में 8 लोग बच गए थे, जबकि लगभग 4 लोग लापता बताए गए थे। फिलहाल साइप्रस में डूबी फेरी के लापता यात्रियों की तलाश जारी है और बचाव दल उम्मीद कर रहे हैं कि जल्द से जल्द बाकी लोगों का पता लगाया जा सके।
