सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की सेहत पर चिंता: अनशन का असर
नई दिल्ली में सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति
नई दिल्ली: कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थन में अनिश्चितकालीन अनशन पर बैठे प्रसिद्ध सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। वर्धमान महावीर मेडिकल कॉलेज (VMMC) और सफदरजंग अस्पताल द्वारा मंगलवार सुबह 9 बजे जारी किए गए ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, वांगचुक को लगातार चिकित्सकीय निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों का कहना है कि उनके लंबे उपवास के कारण कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न हो गई हैं।
ड्रिप और ग्लूकोज लेने से इनकार
अस्पताल के बुलेटिन के अनुसार, सोनम वांगचुक का रक्त शर्करा स्तर सामान्य से काफी कम है। रातों-रात लिए गए रक्त के नमूनों में उनका सीरम पोटेशियम स्तर 3.2 mEq/L पाया गया है। इसके अलावा, जांच रिपोर्टों में 'पैनसाइटोपिनिया' के लक्षण भी सामने आए हैं, जिसमें शरीर में खून की कमी (एनीमिया) और सफेद रक्त कोशिकाओं की कमी होती है।
अस्पताल में वांगचुक को दी जा रही चिकित्सा
अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि वांगचुक को ओआरएस और पोटेशियम के घोल दिए जा रहे हैं। डॉक्टरों की बार-बार सलाह के बावजूद, उन्होंने नसों के जरिए दी जाने वाली ग्लूकोज लेने से मना कर दिया है। डॉक्टरों ने चेतावनी दी है कि लंबे समय तक उपवास रखने के कारण वे हल्के से मध्यम डिहाइड्रेशन और गंभीर शारीरिक तनाव का सामना कर रहे हैं, जिसके लिए निरंतर चिकित्सकीय निगरानी आवश्यक है।
'चलो संसद' मार्च के बाद दिल्ली में सुरक्षा बढ़ाई गई
वांगचुक की बिगड़ती सेहत और अस्पताल में भर्ती होने के मुद्दे ने CJP के आंदोलन को और भी उग्र बना दिया है। हाल ही में पार्टी के 'चलो संसद' मार्च के दौरान दिल्ली में भारी अफरातफरी का माहौल था। हजारों समर्थकों की पुलिस के साथ तीखी झड़पें हुईं, जिसके बाद कई क्षेत्रों में इंटरनेट सेवाएं बाधित की गईं और सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए।
उपद्रवियों पर पुलिस की कार्रवाई
प्रदर्शन के दौरान हुए उपद्रव को लेकर दिल्ली पुलिस ने सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, कनाट प्लेस के आउटर सर्किल में रीगल सिनेमा के पास पुलिस की गाड़ियों में तोड़फोड़ करने और पुलिस टीम पर पथराव करने के आरोप में अज्ञात उपद्रवियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है।
BNS की गंभीर धाराओं में FIR दर्ज
जंतर-मंतर और आसपास के क्षेत्रों में दंगा भड़काने, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने, सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों से जैकेट व हेलमेट छीनने की घटनाओं को लेकर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की सख्त धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है। अस्पताल में वांगचुक का इलाज और पुलिस की जांच दोनों ही तेजी से जारी हैं।
