सितंबर के अंत में मौसम का मिजाज: चक्रवात का असर, 22 राज्यों में अलर्ट
मौसम में बदलाव का संकेत
नई दिल्ली: सितंबर का अंतिम दिन मौसम के दृष्टिकोण से देशभर में हलचल भरा रहने वाला है। कुछ राज्यों में मानसून की विदाई हो चुकी है, जबकि अन्य स्थानों पर यह प्रक्रिया जारी है। इस बीच, बंगाल की खाड़ी में उत्पन्न चक्रवाती दबाव 30 सितंबर को कई राज्यों के मौसम को प्रभावित कर सकता है, जहां समुद्री क्षेत्रों में हवा की गति 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने की संभावना है। मौसम विभाग ने 22 राज्यों के लिए चेतावनी जारी की है।
दिल्ली-एनसीआर और उत्तर प्रदेश पर प्रभाव
दिल्ली-एनसीआर में 30 सितंबर को बादल छाए रहने के साथ बारिश की संभावना है, और हवा की गति 20-30 किलोमीटर प्रति घंटे रहने का अनुमान है। इससे तापमान में 2-3 डिग्री की कमी आ सकती है, अधिकतम तापमान 33 और न्यूनतम 22 डिग्री रहने की उम्मीद है। उत्तर प्रदेश के मेरठ, आगरा, कानपुर, बरेली, गोरखपुर जैसे जिलों में भारी बारिश और आंधी की चेतावनी दी गई है, जहां लखनऊ का तापमान 32-23 डिग्री के बीच रह सकता है।
बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल में मौसम की सक्रियता
बिहार में पटना, गया, दरभंगा, भागलपुर समेत कई जिलों में मध्यम बारिश और आंधी की संभावना है, जहां पटना का तापमान 33-24 डिग्री रहने की उम्मीद है। झारखंड में रांची, धनबाद, जमशेदपुर जैसे क्षेत्रों में 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से हवा के साथ भारी बारिश का खतरा है। पश्चिम बंगाल में कोलकाता, हावड़ा, हुगली जैसे स्थानों पर 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवाएं चल सकती हैं, और तटीय क्षेत्रों में स्थिति अधिक गंभीर हो सकती है।
राजस्थान और मध्य प्रदेश में तूफानी हवाओं का खतरा
राजस्थान में सबसे तेज हवाओं का अनुमान है, जहां जयपुर, उदयपुर, बीकानेर जैसे शहरों में 70-80 किलोमीटर प्रति घंटे तक की आंधी चल सकती है, जिससे पेड़ और बिजली के खंभे गिरने का खतरा बढ़ सकता है। मध्य प्रदेश में इंदौर, भोपाल, उज्जैन जैसे जिलों में 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ बारिश की संभावना है।
पहाड़ी राज्यों में भूस्खलन का खतरा
उत्तराखंड में देहरादून, नैनीताल, चमोली जैसे क्षेत्रों में 50-60 किलोमीटर प्रति घंटे की तेज हवा के साथ भारी बारिश हो सकती है, जिससे सड़कें प्रभावित होने और भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। हिमाचल प्रदेश में मंडी, कुल्लू, कांगड़ा में भी तूफानी हवाओं का अलर्ट है, जहां मनाली का तापमान महज 12-2 डिग्री रह सकता है। जम्मू-कश्मीर में उधमपुर, अनंतनाग, बारामूला में भारी बारिश और सड़क संपर्क बाधित होने की आशंका जताई गई है।
पंजाब और हरियाणा में मौसम का असर
पंजाब में संगरूर, लुधियाना, अमृतसर जैसे जिलों में बारिश और आंधी का अलर्ट है, जिससे खेतों में खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है। हरियाणा में भी गुरुग्राम, फरीदाबाद जैसे क्षेत्रों में मौसम में बदलाव की संभावना है, जहां किसानों और वाहन चालकों को स्थानीय चेतावनियों पर ध्यान देने की सलाह दी गई है।
पूर्वोत्तर और दक्षिण भारत में मूसलाधार बारिश
पूर्वोत्तर के असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भारी बारिश का अनुमान है, जिससे जलभराव और स्थानीय भूस्खलन का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, दक्षिण भारत में कर्नाटक, केरल, तमिलनाडु, पुडुचेरी में भी 40-50 किलोमीटर प्रति घंटे की हवा के साथ तेज बारिश का सिलसिला जारी रह सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और ओडिशा में भी बिजली चमकने के साथ हल्की तेज हवाएं चलने की संभावना है। कुल मिलाकर, सितंबर की विदाई से पहले देश के लगभग हर कोने में मौसम का असर देखने को मिलेगा, और लोगों को सतर्क रहने की आवश्यकता है।
