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सितंबर में पूर्वी भारत में बारिश की संभावना, लेकिन कम बारिश का अनुमान

सितंबर की शुरुआत में पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश की संभावना है, लेकिन मौसम विभाग ने इस वर्ष सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। 5 से 10 सितंबर के बीच मौसम में बदलाव की संभावना है, जिससे बारिश की मात्रा में कमी आ सकती है। जानें इस मौसम के बारे में अधिक जानकारी और विशेषज्ञों की राय।
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पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश का पूर्वानुमान


सितंबर की शुरुआत में देश के पूर्वी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में बारिश की गतिविधियाँ देखने को मिल सकती हैं। मौसम के मॉडल के अनुसार, अगले दो हफ्तों तक इन क्षेत्रों में बारिश का सिलसिला जारी रहने की उम्मीद है। हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर दिन हर जगह भारी बारिश होगी।


मौसम का रुख 5 से 10 सितंबर के बीच बदल सकता है

लंबी अवधि के मौसम पूर्वानुमान में 5 से 10 सितंबर के बीच मानसून की गतिविधियों में बदलाव के संकेत मिल रहे हैं। इस समयावधि के बाद, देश के कई हिस्सों में बारिश की मात्रा में कमी आ सकती है। कुछ राज्यों में लगातार बारिश के दिनों के बीच का अंतर बढ़ने और मानसून के कमजोर होने की संभावना है। फिर भी, इसका मतलब यह नहीं है कि पूरे देश में बारिश पूरी तरह से बंद हो जाएगी।


इस वर्ष कम बारिश की संभावना

मौसम विभाग ने इस साल मानसून के दौरान सामान्य से कम बारिश का अनुमान लगाया है। जून से सितंबर 2026 के बीच देश में कुल बारिश का स्तर लगभग 90 प्रतिशत रहने की संभावना है। 1971 से 2020 के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में औसतन 87 सेंटीमीटर बारिश होती रही है। प्रारंभिक अनुमान में पूरे देश में सामान्य से कम बारिश की संभावना 84 प्रतिशत बताई गई थी, जबकि पूर्वोत्तर भारत में बारिश सामान्य रहने की उम्मीद है।


सितंबर की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं

मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि सितंबर की पूरी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। लंबे समय के मौसम मॉडल में बदलाव संभव है, इसलिए यह कहना जल्दबाजी होगी कि सितंबर में पूरे देश में बारिश कम होगी। वर्तमान अनुमान के अनुसार, अगले दो हफ्तों तक पूर्वी और पूर्वोत्तर भारत में बारिश जारी रह सकती है, जबकि 5 से 10 सितंबर के बाद देश के बड़े हिस्से में मानसून कमजोर पड़ने और बारिश में कमी आने की संभावना है।