सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच जातिवाद पर तीखी बहस
सीएम योगी का जातिवाद पर बयान
सीएम योगी और अखिलेश यादव: लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद और क्षेत्रवाद को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताया। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा जवाब दिया, यह कहते हुए कि जिनकी सरकार जातीय तुष्टीकरण के लिए बदनाम हो चुकी है, वे जातिवाद की बात कर रहे हैं।
अखिलेश यादव का जवाब
पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी के भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा, 'जो होता भाजपाई, वो पैदा करता खाई! यह आश्चर्यजनक है कि जिनकी सत्ता जातीय तुष्टीकरण के लिए बदनाम हो चुकी है, वे जातिवाद की बात कर रहे हैं। जिनकी राजनीति एक जाति के विरोध पर आधारित है, वे जब भी बोलेंगे, झूठ ही बोलेंगे।'
जो होता भाजपाई, वो पैदा करता खाई!
ये आश्चर्य की बात है कि जिनकी सत्ता ‘सजातीय तुष्टीकरण’ के नाम पर बदनाम हो चुकी है वो ‘जातिवाद’ की बात कर रहे है!
जिनकी संपूर्ण राजनीति एक जाति के विरोध पर टिकी हो, वो जब भी मुँह खोलेंगे, झूठ बोलेंगे।
दरारवादी एकता की बात न ही करें तो उनका न सही, उनके पद का नाम बचा रहेगा। ‘हाता नहीं भाता’ ही इनकी विद्वेषपूर्ण राजनीति का बेहद कड़वा सच है।
जो सार्वजनिक पद पर रहते हुए भी अपनी जाति के दंभ का दम भरते हैं, वो क्या किसी और का भला करेंगे।
जो एकरंगी हैं, वो बहुरंगी एकता की बात कैसे कर सकते हैं।
काला चश्मा लगाएं और लौट जाएं!
राष्ट्रीय एकता को ख़तरा तब होता है, जब सामाजिक विभेद को माननेवाला व्यक्ति सत्ता के शीर्ष पर होता है।
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) October 31, 2026
अखिलेश ने आगे कहा, 'दरारवादी एकता की बात न करें तो उनका न सही, उनके पद का नाम बचा रहेगा। जो सार्वजनिक पद पर रहते हुए भी अपनी जाति के दंभ का दम भरते हैं, वे किसी और का भला नहीं कर सकते।'
सीएम योगी का पूरा बयान
स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर, सीएम योगी ने समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब होता है, जब हम जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटते हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं और आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करते हैं।
सीएम योगी ने यह भी कहा कि लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है। जिन्ना को आदर्श मानने वाले विभाजनकारी लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।
