Newzfatafatlogo

सीएम योगी और अखिलेश यादव के बीच जातिवाद पर तीखी बहस

सीएम योगी आदित्यनाथ ने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर जातिवाद को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताया। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा जवाब देते हुए जातीय तुष्टीकरण का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिनकी राजनीति एक जाति के विरोध पर आधारित है, वे झूठ बोलते हैं। इस बहस में दोनों नेताओं के बयानों ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है।
 | 

सीएम योगी का जातिवाद पर बयान

सीएम योगी और अखिलेश यादव: लौहपुरुष सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती के अवसर पर, सीएम योगी आदित्यनाथ ने जातिवाद और क्षेत्रवाद को राष्ट्रीय एकता के लिए खतरा बताया। इस पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तीखा जवाब दिया, यह कहते हुए कि जिनकी सरकार जातीय तुष्टीकरण के लिए बदनाम हो चुकी है, वे जातिवाद की बात कर रहे हैं।


अखिलेश यादव का जवाब

पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने सीएम योगी के भाषण का एक वीडियो साझा करते हुए एक्स पर लिखा, 'जो होता भाजपाई, वो पैदा करता खाई! यह आश्चर्यजनक है कि जिनकी सत्ता जातीय तुष्टीकरण के लिए बदनाम हो चुकी है, वे जातिवाद की बात कर रहे हैं। जिनकी राजनीति एक जाति के विरोध पर आधारित है, वे जब भी बोलेंगे, झूठ ही बोलेंगे।'



अखिलेश ने आगे कहा, 'दरारवादी एकता की बात न करें तो उनका न सही, उनके पद का नाम बचा रहेगा। जो सार्वजनिक पद पर रहते हुए भी अपनी जाति के दंभ का दम भरते हैं, वे किसी और का भला नहीं कर सकते।'


सीएम योगी का पूरा बयान

स्वतंत्र भारत के पहले गृहमंत्री सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती पर, सीएम योगी ने समाज को बांटने वाली ताकतों पर प्रहार किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय एकता को खतरा तब होता है, जब हम जाति और क्षेत्र के नाम पर बंटते हैं। जातिवाद, क्षेत्रवाद और भाषावाद समाज की प्रतिरोधक क्षमता को कमजोर करते हैं और आक्रांताओं को हमला करने के लिए आमंत्रित करते हैं।


सीएम योगी ने यह भी कहा कि लौहपुरुष का अनुयायी वही हो सकता है जो भारत की एकता और सुरक्षा को सर्वोपरि रखता है। जिन्ना को आदर्श मानने वाले विभाजनकारी लोग वल्लभ भाई पटेल के सच्चे अनुयायी नहीं हो सकते।