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सीएम योगी की शिक्षकों से अपील: सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों का मुकाबला करें

दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन के बाद, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहों के खिलाफ छात्रों को जागरूक करें। उन्होंने बताया कि विदेशी शक्तियाँ तकनीक का दुरुपयोग कर समाज में विद्वेष फैला रही हैं। योगी ने शिक्षकों से कहा कि वे छात्रों को सत्य और झूठ का भेद बताएं और उन्हें पुस्तकालयों की ओर लौटने के लिए प्रेरित करें। इसके साथ ही, उन्होंने विश्वविद्यालयों से नए पाठ्यक्रमों को लागू करने की भी बात की।
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मुख्यमंत्री की अपील


आगरा। दिल्ली के जंतर मंतर पर हुए छात्र आंदोलन का प्रभाव पूरे देश में महसूस किया गया। इस दौरान सोशल मीडिया पर कई अफवाहें भी फैल गईं। इसी संदर्भ में, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को शिक्षकों से एक महत्वपूर्ण अपील की। उन्होंने कहा कि, "भारत की प्रगति से चिढ़ने वाली विदेशी शक्तियाँ अत्याधुनिक तकनीक और विदेशी फंड का दुरुपयोग कर समाज में अफवाहें फैलाने का प्रयास कर रही हैं।"


मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि, "सोशल मीडिया पर जो असत्यापित जानकारी साझा की जा रही है, उसे युवा सच मान लेते हैं, जिससे समाज में अराजकता बढ़ रही है।" उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे छात्रों को इस विषय में जागरूक करें और सत्य और झूठ के बीच का अंतर समझाएं। उन्होंने कहा, "गूगल पर उपलब्ध सभी सामग्री विश्वसनीय नहीं होती, इसलिए युवाओं को पुस्तकालयों और संदर्भ ग्रंथों की ओर लौटाना शिक्षकों की जिम्मेदारी है।"




उन्होंने यह भी कहा कि, "सोशल मीडिया और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) आज की आवश्यकता हैं, और हमें इनसे मुंह नहीं मोड़ना चाहिए।" उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे अच्छे कंटेंट साझा करें और छात्रों को फेक अकाउंट के बारे में जागरूक करें ताकि वे गुमराह करने वाले तथ्यों से दूर रहें।


इसके अलावा, उन्होंने विश्वविद्यालयों से राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत डुअल डिग्री और नए पाठ्यक्रम लागू करने की बात कही। सरकार ने टाटा टेक्नोलॉजीज के सहयोग से प्रदेश के आईटीआई और पॉलिटेक्निक संस्थानों में एआई, ड्रोन टेक्नोलॉजी, 3डी प्रिंटिंग और रोबोटिक्स की ट्रेनिंग की सुविधा शुरू की है, जिसका लाभ उच्च शिक्षण संस्थानों को भी उठाना चाहिए। शिक्षकों को अपनी कक्षाओं को रोचक बनाना चाहिए ताकि छात्र बोरियत के कारण क्लास न छोड़ें।