Newzfatafatlogo

सीएम योगी ने टेकसंगम 2026 में तकनीकी नवाचारों पर जोर दिया

सीएम योगी आदित्यनाथ ने लखनऊ में आयोजित टेकसंगम 2026 में तकनीकी नवाचारों और साइबर सुरक्षा की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने बताया कि कैसे नई तकनीकों को जनहित और न्याय से जोड़ा जा सकता है। कार्यक्रम में देश-विदेश के वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया गया है, जिससे साइबर सुरक्षा और डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता पर चर्चा होगी। जानें इस महत्वपूर्ण आयोजन के बारे में और कैसे यह प्रदेश के युवाओं के लिए नए अवसर पैदा करेगा।
 | 

लखनऊ में टेकसंगम 2026 का आयोजन

लखनऊ। "नई तकनीकों को जनहित, न्याय और युवाओं के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ना आज की सबसे बड़ी आवश्यकता है। इसके लिए साइबर सुरक्षा और फॉरेंसिक विज्ञान में आधुनिक तकनीक, वैज्ञानिक अनुसंधान और प्रशिक्षित मानव संसाधनों को बढ़ावा देना आवश्यक है।" यह बात सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को सोशल मीडिया पर साझा की।

सीएम ने बताया कि उन्होंने उत्तर प्रदेश स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस (UPSIFS), लखनऊ में आयोजित ‘टेकसंगम 2026’ में भाग लिया। उन्होंने कहा, "यह कार्यक्रम एआई, साइबर फॉरेंसिक, क्वांटम तकनीक और डेटा सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों पर केंद्रित है, जो तकनीकी नवाचार को नागरिक सुरक्षा, प्रभावी न्याय व्यवस्था और डिजिटल ट्रस्ट से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण अवसर है। यह उत्तर प्रदेश की बदलती कार्य-संस्कृति का प्रतीक है।"

सीएम योगी का पूर्व सरकार पर हमला

सीएम ने पूर्व सपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, "वर्ष 2017 से पहले प्रदेश में केवल 2 साइबर थाने और 4 फॉरेंसिक लैब थीं। विज्ञान और तकनीक की संभावनाओं का पर्याप्त उपयोग न होने के कारण अपराधियों को कानून से बच निकलने का अवसर मिलता था। कन्विक्शन रेट 30 प्रतिशत से भी कम था। वर्ष 2017 के बाद प्रदेश की डबल इंजन सरकार ने इस स्थिति को बदलने की दिशा में कार्य किया।"

साइबर थाने और फॉरेंसिक लैब का विस्तार

सीएम ने आगे कहा, "आज सभी 75 जनपदों में साइबर थाने हैं और प्रत्येक मंडल में फॉरेंसिक लैब स्थापित करने की दिशा में बढ़ रहे हैं। तकनीकी संसाधनों एवं वैज्ञानिक जांच की क्षमता के विस्तार से साइबर अपराध जैसी नई चुनौतियों से निपटने और अपराधियों को सजा दिलाने की प्रक्रिया को मजबूती मिली है। कन्विक्शन रेट में वृद्धि हुई है। साथ ही, फॉरेंसिक विज्ञान एवं साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रदेश के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा, अनुसंधान और रोजगार के नए अवसर सृजित हो रहे हैं। तकनीक आज प्रभावी न्याय सुनिश्चित करने के साथ युवाओं के भविष्य को नई दिशा देने का माध्यम बन रही है।"

वैज्ञानिकों और तकनीकी विशेषज्ञों का संगम

‘टेकसंगम 2026’ को लेकर सीएम ने कहा, "यह आयोजन देश-विदेश के वैज्ञानिकों, तकनीकी विशेषज्ञों, नीति-निर्माताओं, विधि विशेषज्ञों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाएगा। यह साइबर सुरक्षा, डिजिटल साक्ष्यों की विश्वसनीयता एवं उभरती तकनीकों के उत्तरदायी उपयोग पर सार्थक विमर्श के साथ अनुसंधान, शिक्षा व उद्योग के बीच सहयोग के नए द्वार खोलेगा। भारत को उभरती तकनीकों में आत्मनिर्भर बनाने और उनके माध्यम से नागरिकों के जीवन को अधिक सुरक्षित एवं सुगम बनाने की दिशा में यह संगम महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।"