सीजेपी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठाई लोकतंत्र की रक्षा की मांग
सीजेपी की प्रेस कॉन्फ्रेंस में उठे कई मुद्दे
कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) ने गुरुवार को दिल्ली के प्रेस क्लब में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की, जिसमें उन्होंने कई महत्वपूर्ण मांगें रखीं। सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके, आइसा की नेहा बोरा, आइशी घोष और अभिनेता प्रकाश राज ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए आवाज उठाई। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की और सौरव दास तथा आशुतोष रांका की रिहाई की भी अपील की। प्रेस कॉन्फ्रेंस में सीजेपी ने आरोप लगाया कि सरकार ने ट्रेन सेवाएं बंद कर दी हैं और हजारों लोगों को हाउस अरेस्ट में रखा है ताकि ज्ञानेश कुमार को बचाया जा सके। इसके साथ ही, उन्होंने जंतर मंतर को फिर से विरोध प्रदर्शन के लिए खोलने की मांग की।
ज्ञानेश कुमार पर अभिजीत दीपके के सवाल
सीजेपी के संस्थापक अभिजीत दीपके ने कहा, 'ज्ञानेश कुमार अपने आकाओं की बात सुन रहे हैं। सरकार उन्हें बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।' उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतना कुछ क्यों किया जा रहा है। उन्होंने यह भी पूछा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को ज्ञानेश कुमार से क्या लाभ हो रहा है।
तिरंगा लहराने पर हिरासत का मुद्दा
आशुतोष रांका और सौरव दास के जंतर मंतर पर तिरंगा लहराने के कारण हिरासत में लिए जाने पर दीपके ने कहा कि क्या अब अपने देश में तिरंगा लहराना अपराध बन गया है? उन्होंने कहा कि तिरंगा हमारी पहचान और गर्व का प्रतीक है। दीपके ने आरोप लगाया कि इन दोनों को राष्ट्रीय ध्वज फहराने और बदलाव के लिए संघर्ष करने के कारण जेल में डाल दिया गया है।
ज्ञानेश कुमार और बीजेपी के संबंध
आईशी घोष ने आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार ने बीजेपी को कई चुनावों में जीत दिलाई है, इसलिए सरकार उन्हें बचाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पुलिस छात्रों और पत्रकारों को हिरासत में लेकर उन पर अत्याचार कर रही है।
गंभीर सवाल उठाते हुए अभिजीत दीपके
अभिजीत दीपके ने कहा, 'आपने तिरंगा फहराने को कानून का उल्लंघन बता दिया है। यह सब किसके लिए? ज्ञानेश कुमार के लिए? क्या ज्ञानेश कुमार नरेंद्र मोदी के लिए इतने महत्वपूर्ण हैं? अगर नहीं, तो उन्हें इतनी सुरक्षा क्यों दी जा रही है?'
