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सीतापुर में छात्र के साथ यौन उत्पीड़न का मामला, सात सीनियर छात्रों पर कार्रवाई

उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में एक 11 वर्षीय छात्र के साथ यौन उत्पीड़न का मामला सामने आया है, जिसमें कक्षा आठ के सात सीनियर छात्रों पर आरोप है। पीड़ित छात्र ने अपने पिता को फोन कर अपनी आपबीती सुनाई, जिसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने जांच समिति का गठन किया है और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं।
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सीतापुर में दिल दहला देने वाली घटना

सीतापुर। उत्तर प्रदेश के सीतापुर जिले में जय प्रकाश नारायण सर्वोदय आवासीय विद्यालय से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां हॉस्टल में रह रहे एक 11 वर्षीय छात्र के साथ कक्षा आठ के सात सीनियर छात्रों द्वारा यौन उत्पीड़न का आरोप लगाया गया है। पीड़ित छात्र का दर्द बयां करता एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद पुलिस और जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। पुलिस ने सभी आरोपी छात्रों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।


पीड़ित की आपबीती

सूत्रों के अनुसार, पीड़ित छात्र ने हॉस्टल से अपने पिता को फोन कर रोते हुए अपनी दुर्दशा बताई और उनसे उसे वहां से ले जाने की गुहार लगाई। जब उसके परिवार वाले स्कूल पहुंचे, तो छात्र ने अपनी आपबीती सुनाई, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर फैल गया। वीडियो में छात्र ने सीनियर छात्रों द्वारा की गई प्रताड़ना का जिक्र किया। यह छात्र संदना थाना क्षेत्र के एक गांव का निवासी है, जिसने समाज कल्याण विभाग द्वारा संचालित विद्यालय में अप्रैल में दाखिला लिया था। 13 अप्रैल से वह आवासीय विद्यालय में पढ़ाई कर रहा था। कुछ समय बाद, कक्षा आठ के पांच छात्रों ने उसे अपने कमरे में बुलाकर अनैतिक कार्य करने का दबाव डाला। जब उसने उनकी बात नहीं मानी, तो उसके साथ जबरन यौन उत्पीड़न किया गया। इसमें दो अन्य छात्रों ने भी आरोपियों का साथ दिया।


पुलिस की कार्रवाई और जांच समिति

इस गंभीर मामले की जानकारी मिलने पर पीड़ित के पिता की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज करने के बाद उनकी उम्र और कानून के अनुसार आगे की कार्रवाई शुरू की है।

सीतापुर के जिलाधिकारी ने इस संवेदनशील मामले की गंभीरता को देखते हुए विद्यालय प्रशासन की लापरवाही और घटना के कारणों की जांच के लिए दो सदस्यीय उच्च स्तरीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में एसडीएम महमूदाबाद और डॉ. एमएल गंगवार शामिल हैं। यह समिति घटना की गहनता से जांच कर जिला प्रशासन को अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर स्कूल प्रबंधन या वार्डन के खिलाफ कार्रवाई की जा सकती है।


सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल

इस घटना ने सरकारी आवासीय विद्यालयों में बच्चों की सुरक्षा और हॉस्टल वार्डन की निगरानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रशासन ने स्कूल प्रबंधन को हॉस्टल में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों की काउंसिलिंग कराने के निर्देश दिए हैं, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों।