सीबीआई ने 13 साल से फरार आरोपी हरनेक सिंह को अमेरिका से भारत लाया
हरनेक सिंह की गिरफ्तारी
नई दिल्ली: केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने लंबे समय से फरार चल रहे आरोपी हरनेक सिंह को अमेरिका से भारत लाने में सफलता प्राप्त की है। वह 2013 से जांच और मुकदमे से बचता रहा था।
सीबीआई ने गुरुवार को बताया कि हरनेक सिंह के खिलाफ इंटरपोल द्वारा रेड नोटिस और लुक-आउट सर्कुलर जारी किए गए थे। उसे अमेरिका से डिपोर्ट किया गया और बुधवार को नई दिल्ली के इंदिरा गांधी इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर पहुंचने पर सीबीआई अधिकारियों ने उसे गिरफ्तार कर लिया। एजेंसी ने यह भी कहा कि उसे जल्द ही हरियाणा के पंचकूला में स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत में पेश किया जाएगा।
सीबीआई ने 2016 में आईपीसी के तहत साजिश, धोखाधड़ी, जालसाजी और नकली दस्तावेजों के उपयोग के लिए मामला दर्ज किया था। जांच में पता चला कि 2013 में, सिंगापुर में रहने वाले भारतीय नागरिकों को ठगों ने फर्जी फोन कॉल के माध्यम से संपर्क किया। ये आरोपी सिंगापुर इमिग्रेशन अधिकारियों के रूप में बात करते थे।
सीबीआई के अनुसार, आरोपियों ने पीड़ितों को गलत जानकारी दी थी, जिसमें कहा गया था कि उन्होंने एयरपोर्ट पर अपने डिसएम्बार्केशन फॉर्म में गलत जानकारी भरी है। इसके बाद, आरोपियों ने पीड़ितों को वेस्टर्न यूनियन मनी ट्रांसफर के जरिए भारत में निर्धारित प्राप्तकर्ताओं को कथित सेटलमेंट फीस या जुर्माना भरने के लिए कहा।
जांच में यह भी सामने आया कि धोखाधड़ी से प्राप्त धन हरनेक सिंह द्वारा चलाए जा रहे मनी-ट्रांसफर आउटलेट के माध्यम से मिला था। इस मामले में उसके सह-आरोपी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन भी शामिल थे। हरनेक सिंह मई 2013 में भारत से भाग गया और बाद में अवैध तरीके से अमेरिका चला गया, जहां वह एक दशक से अधिक समय तक फरार रहा।
जब हरनेक सिंह फरार था, तब सह-आरोपी आदित्य भारद्वाज और दीपक जैन के खिलाफ मुकदमे की सुनवाई पूरी हुई और दोनों को 26 मई 2025 को दोषी ठहराया गया।
हालांकि, समन और वारंट के बावजूद हरनेक सिंह ट्रायल कोर्ट में पेश नहीं हुआ। इसके परिणामस्वरूप, पंचकूला में सीबीआई के स्पेशल ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट की अदालत ने 22 अप्रैल 2024 को उसके खिलाफ गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट जारी किया। इसके बाद सीबीआई ने इंटरपोल के माध्यम से इस मामले को आगे बढ़ाया, जिसके परिणामस्वरूप आरोपी के खिलाफ इंटरपोल रेड नोटिस जारी किया गया और उसके पासपोर्ट के लिए लुक-आउट सर्कुलर भी जारी किया गया।
