सीबीएसई ने 10वीं कक्षा में तीसरी भाषा के लिए नए नियम लागू किए
नई भाषा नीति का कार्यान्वयन
नई दिल्ली: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत नई भाषा नीति को लागू करते हुए सभी स्कूलों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए हैं। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से कक्षा 10 के छात्रों के लिए तीसरी भाषा (R3) का कोई बोर्ड परीक्षा नहीं होगी। हालांकि, विद्यार्थियों को स्कूल स्तर पर होने वाले आंतरिक मूल्यांकन में पास होना अनिवार्य होगा। यदि कोई छात्र इस मूल्यांकन में असफल होता है, तो उसे 10वीं कक्षा का पासिंग सर्टिफिकेट नहीं मिलेगा। नई व्यवस्था के अनुसार, अब 9वीं कक्षा से ही छात्रों को तीन भाषाओं का अध्ययन करना होगा, जिनमें कम से कम दो भारतीय भाषाएं शामिल होनी चाहिए।
9वीं में असफल होने पर 10वीं में करना होगा पास
बोर्ड द्वारा 10 जुलाई को जारी किए गए सर्कुलर में बताया गया है कि कक्षा 10 के छात्रों को स्कूल-बेस्ड R3 (तीसरी भाषा) मूल्यांकन पास करना आवश्यक होगा। जो छात्र इस आंतरिक मूल्यांकन में असफल होंगे, उन्हें बोर्ड के अंतिम परिणाम की घोषणा से पहले अपने स्कूलों में पुनः परीक्षा देकर इसे पास करना होगा। सीबीएसई ने छात्रों को थोड़ी राहत देते हुए कहा है कि 9वीं कक्षा में तीसरी भाषा के स्कूल-बेस्ड मूल्यांकन में असफल छात्रों को उसी कक्षा में रोका नहीं जाएगा। उन्हें 2027-28 के शैक्षणिक सत्र में 10वीं कक्षा में प्रमोट किया जाएगा, लेकिन 10वीं में पढ़ाई के दौरान उन्हें 9वीं का पेंडिंग R3 मूल्यांकन पास करना अनिवार्य होगा।
तीन भाषाओं का फॉर्मूला और विदेशी भाषा के नियम
यह नया स्पष्टीकरण सीबीएसई के 29 जून के आदेश के कुछ दिनों बाद आया है, जिसमें नेशनल एजुकेशन पॉलिसी के तहत तीन-भाषा फॉर्मूला लागू करने की बात कही गई थी। इस नई शिक्षा योजना के अनुसार, कक्षा 6 और उससे ऊपर के छात्रों को तीन भाषाएं पढ़नी होंगी, जिनमें से दो भारत की मूल भाषाएं (स्थानीय/क्षेत्रीय) होनी चाहिए। जो छात्र वर्तमान में 7वीं, 8वीं या 9वीं कक्षा में पढ़ रहे हैं और उन्होंने पहले से ही अंग्रेजी के साथ कोई विदेशी भाषा चुन ली है, वे इसे जारी रख सकेंगे। लेकिन, उन्हें इसके साथ भारत की एक मूल तीसरी भाषा भी अनिवार्य रूप से पढ़नी होगी। ध्यान देने योग्य है कि पहले की व्यवस्था में छात्र 8वीं कक्षा के बाद तीसरी भाषा छोड़ देते थे।
मौजूदा 10वीं के बैच पर नए नियम लागू नहीं होंगे
सीबीएसई ने अपने सभी संबद्ध स्कूलों को इन नई गाइडलाइंस का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए हैं। 29 जून और 10 जुलाई को जारी किए गए सर्कुलर के अनुसार, यह नया और सख्त नियम 2026-27 शैक्षणिक सत्र से 9वीं कक्षा में और 2027-28 सत्र से 10वीं कक्षा में लागू होगा। हालांकि, मौजूदा सत्र के छात्रों के लिए राहत की बात यह है कि ये नए नियम 2026-27 के मौजूदा 10वीं कक्षा के बैच पर लागू नहीं होंगे। इस बैच के छात्रों के लिए तीसरी भाषा की पढ़ाई करना अनिवार्य नहीं रहेगा।
