सुप्रीम कोर्ट की सख्ती: दिल्ली में इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं के निलंबन पर माफी
दिल्ली में इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं का निलंबन
नई दिल्ली: राष्ट्रीय राजधानी में हाल ही में हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान मोबाइल इंटरनेट और मेट्रो सेवाओं के निलंबन के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सख्त रुख अपनाया है। केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन और दिल्ली मेट्रो रेल कॉरपोरेशन (DMRC) ने शीर्ष अदालत में हलफनामा पेश कर बिना शर्त माफी मांगी है। गृह सचिव ने बुधवार रात को चार पन्नों का हलफनामा प्रस्तुत करते हुए अदालत के निर्देशों का उल्लंघन करने से इनकार किया और इसे कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक कदम बताया।
गृह सचिव का बयान: 24 घंटे का प्रतिबंध आवश्यक था
सुप्रीम कोर्ट में दायर हलफनामे में गोविंद मोहन ने कहा कि राष्ट्रीय राजधानी में सार्वजनिक व्यवस्था को बनाए रखने और सुरक्षा की संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया। उन्होंने बताया कि 9 अक्टूबर की रात 10 बजे से 10 अक्टूबर की रात 10 बजे तक केवल 4 किलोमीटर के दायरे में इंटरनेट सेवाओं को 24 घंटे के लिए निलंबित किया गया था। दिल्ली पुलिस ने स्थिति की गंभीरता को देखते हुए इंटरनेट निलंबन का अनुरोध किया था, जो सुरक्षा के दृष्टिकोण से उचित था। उन्होंने स्पष्ट किया कि अदालत के आदेशों का उल्लंघन करने का कोई इरादा नहीं था।
DMRC का हलफनामा: 45 स्टेशनों पर प्रतिबंध
इंटरनेट सेवाओं के साथ मेट्रो परिचालन में बाधा के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने गृह सचिव, दिल्ली पुलिस आयुक्त और डीएमआरसी अध्यक्ष को अवमानना नोटिस जारी किया था। इसके जवाब में, डी. थारा, डीएमआरसी की चेयरपर्सन ने भी हलफनामा दाखिल कर बिना शर्त माफी मांगी। हालांकि, डीएमआरसी ने यह दावा खारिज किया कि पूरे शहर में मेट्रो सेवाएं ठप कर दी गई थीं। हलफनामे में कहा गया कि सुरक्षा पाबंदियों के बावजूद दिल्ली मेट्रो का अधिकांश नेटवर्क सामान्य दिनों की तरह संचालित होता रहा।
पुलिस की सिफारिश: 57 स्टेशनों को बंद करने का अनुरोध
DMRC के हलफनामे के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने 8 अक्टूबर को 57 मेट्रो स्टेशनों को बंद करने की सिफारिश की थी। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट के 9 अक्टूबर के निर्देशों के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की गई और बंद स्टेशनों की संख्या घटाकर 45 कर दी गई। 10 अक्टूबर की रात 10 बजे स्थिति सामान्य होने पर सभी प्रभावित स्टेशनों से प्रतिबंध हटा लिए गए। डीएमआरसी ने दोहराया कि वह अदालत के सभी निर्देशों का सम्मान करता है और भविष्य में भी सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय कर यात्रियों की सुविधा के लिए प्रतिबद्ध है।
