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सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद छात्रों के खिलाफ एफआईआर वापस लेने का आश्वासन

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद घोषणा की है कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर वापस ली जाएंगी। इस निर्णय से छात्रों को राहत मिली है, और नड्डा ने आश्वासन दिया है कि उनके खिलाफ कोई कठोर कार्रवाई नहीं की जाएगी। CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित मार्च को भी वापस ले लिया है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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सुप्रीम कोर्ट के फैसले का प्रभाव

केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के बाद घोषणा की कि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर दर्ज सभी एफआईआर को वापस लिया जाएगा। इसके साथ ही, उनके खिलाफ कोई भी कार्रवाई नहीं की जाएगी। सुप्रीम कोर्ट ने इसी दिन प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज सभी एफआईआर को रद्द करने का आदेश दिया है।


छात्रों के भविष्य के लिए आश्वासन

जेपी नड्डा ने कहा, 'भारत सरकार ने छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए आश्वासन दिया था कि प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस ले लिए जाएंगे और उनके खिलाफ आगे कोई कठोर कदम नहीं उठाए जाएंगे।'


सीजेपी का मार्च वापस लेना

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद, CJP ने 5 सितंबर को प्रस्तावित अपने मार्च को वापस ले लिया। जेपी नड्डा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा, 'हमने भाजपा शासित राज्यों के साथ भी इस भावना में चर्चा की है। अब हम अपने आश्वासन को पूरा करने के लिए आगे बढ़ रहे हैं। हम दिल्ली में 5 सितंबर के प्रदर्शन को वापस लेने के CJP के निर्णय का स्वागत करते हैं।'


सीजेपी का आंदोलन और मांगें

CJP ने 20 जून को नीट पेपर लीक के खिलाफ अपना आंदोलन शुरू किया था, जिसमें शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा प्रमुख मांग थी। 25 जुलाई को CJP ने आंदोलन समाप्त करने की घोषणा की थी, जिसके बाद जेपी नड्डा और केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने CJP नेताओं के साथ वार्ता की थी। इस वार्ता में प्रदर्शनकारियों पर दर्ज एफआईआर और नीट-यूजी परीक्षा के कारण जान गंवाने वाले छात्रों के परिजनों को मुआवजा देने पर सहमति बनी थी।


हिंसक झड़प और विपक्ष की प्रतिक्रिया

20 जुलाई को CJP ने 'चलो संसद' का आह्वान किया था, जिसके दौरान सुरक्षाबलों और प्रदर्शनकारियों के बीच हिंसक झड़प हुई। दिल्ली पुलिस ने भीड़ पर लाठीचार्ज और आंसू गैस का प्रयोग किया। विपक्ष ने पुलिस की कार्रवाई की निंदा की और सरकार को कटघरे में खड़ा किया। कुछ दिन पहले CJP नेताओं ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया था और कहा कि 25 जुलाई को किए गए वादों को पूरा नहीं किया जा रहा। इसके बाद 5 सितंबर को दिल्ली पुलिस मुख्यालय तक मार्च का ऐलान किया गया था।