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सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को 12वीं के रिजल्ट जल्द जारी करने का दिया आदेश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं कक्षा के परिणामों में हो रही देरी पर सुप्रीम कोर्ट ने सख्त निर्देश दिए हैं। कोर्ट ने कहा है कि CBSE को जल्द से जल्द रिजल्ट जारी करना चाहिए, अन्यथा छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। सऊदी अरब के एक छात्र की याचिका पर सुनवाई के दौरान यह आदेश दिया गया। जानें इस मामले में क्या हुआ और अगली सुनवाई कब होगी।
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सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को 12वीं के रिजल्ट जल्द जारी करने का दिया आदेश

CBSE 12वीं रिजल्ट पर सुप्रीम कोर्ट का आदेश

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) के 12वीं कक्षा के परिणाम को लेकर विवाद बढ़ता जा रहा है। इस संदर्भ में, सुप्रीम कोर्ट ने CBSE को निर्देश दिया है कि वह 12वीं की इम्प्रूवमेंट परीक्षा के परिणाम जल्द से जल्द जारी करे। कोर्ट ने कहा कि यदि आवश्यक हो, तो बोर्ड को दिन-रात काम करना चाहिए और शुक्रवार तक एक योजना प्रस्तुत करनी चाहिए कि परिणाम कब और कैसे जारी किए जाएंगे। यह निर्णय सऊदी अरब के एक छात्र द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई के दौरान लिया गया है, जो छात्रों के लिए महत्वपूर्ण है।


छात्रों के भविष्य पर असर

सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान यह भी कहा कि परिणामों में हो रही देरी का छात्रों के भविष्य पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। विशेष रूप से, पश्चिम एशियाई देशों में कॉलेजों में दाखिले की प्रक्रिया में बाधा उत्पन्न होने की आशंका जताई गई है। कई छात्र 12वीं की परीक्षा के बाद विदेश में अध्ययन के लिए जाते हैं, लेकिन यदि परिणाम समय पर नहीं आते हैं, तो उनकी एडमिशन में देरी हो सकती है। इससे पहले, CBSE ने छात्रों को बिना अंक वाली मार्कशीट जारी की थी, जिससे काफी हंगामा हुआ था।


12 जून को अगली सुनवाई

संविधान के अनुच्छेद 32 के तहत दायर याचिका में प्रांशु जिगरकुमार पटेल ने कहा है कि परिणामों की घोषणा न होने से उनकी उच्च शिक्षा की संभावनाएं प्रभावित हुई हैं। पटेल ने सऊदी अरब के अल जुबैल से CBSE कक्षा 12 सुधार परीक्षा में निजी परीक्षार्थी के रूप में भौतिकी, रसायन विज्ञान, गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान की परीक्षा दी थी। कोर्ट ने CBSE और उसके दुबई क्षेत्रीय अधिकारी को नोटिस जारी करते हुए मामले की अगली सुनवाई 12 जून को तय की है।


युद्ध के कारण परीक्षा रद्द

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव के कारण CBSE ने खाड़ी देशों में परीक्षा स्थगित करने का निर्णय लिया था। कई परीक्षाएं, जैसे गणित, अंग्रेजी और कंप्यूटर विज्ञान, रद्द कर दी गई थीं। छात्रों को हुई परेशानियों को ध्यान में रखते हुए, CBSE ने 27 मार्च को प्रभावित क्षेत्रों के कक्षा 12 के परिणाम घोषित करने के लिए एक मूल्यांकन योजना जारी की थी। इस योजना के तहत प्री बोर्ड जैसी परीक्षाओं के आधार पर मूल्यांकन करने का प्रावधान किया गया था।


CBSE की जानकारी की कमी

कोर्ट ने यह माना कि यदि समय पर परिणाम जारी नहीं किए गए, तो कई छात्रों के लिए उच्च शिक्षा में प्रवेश पाना मुश्किल हो सकता है। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने कोर्ट को बताया कि रिजल्ट की स्थिति के बारे में अब तक कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गई है। छात्रों और अभिभावकों को यह नहीं बताया गया कि परिणाम कब तक जारी होंगे। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने CBSE से नाराजगी व्यक्त की और कहा कि मामले को गंभीरता से लिया जाए।