सुप्रीम कोर्ट ने कुल्लू के डीसी और एसपी को रेव पार्टी मामले में दी राहत
सुप्रीम कोर्ट का महत्वपूर्ण निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने शिमला हाईकोर्ट के आदेश पर रोक लगाई
सुप्रीम कोर्ट ने हाल ही में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें कुल्लू के डीसी और एसपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और एसआईटी जांच के निर्देश दिए गए थे। हालांकि, अदालत ने दोनों अधिकारियों के तबादले के आदेश को बरकरार रखा है।
हिमाचल हाईकोर्ट ने पार्वती घाटी और कसौल क्षेत्र में रेव पार्टियों और नशीले पदार्थों के उपयोग को रोकने में प्रशासन की कथित नाकामी के चलते यह निर्णय लिया था। कोर्ट ने इसे नशा तस्करों के सामने प्रशासन का आत्मसमर्पण मानते हुए कार्रवाई की थी।
हाईकोर्ट का निर्णय
मुख्य न्यायाधीश जीएस संधावालिया और न्यायाधीश बी सी नेगी की खंडपीठ ने मामले की गंभीरता को देखते हुए एसआईटी गठित करने का आदेश दिया। कोर्ट ने कहा कि जिला प्रशासन को पहले से खुफिया जानकारी थी कि इन पार्टियों में नशे का उपयोग हो सकता है, फिर भी अनुमति दी गई।
डीसी और एसपी का हलफनामा
कुल्लू के डिप्टी कमिश्नर अनुराग चंद्र शर्मा ने कोर्ट में कहा कि प्रशासन ने रेव पार्टियों के लिए कोई अनुमति नहीं दी थी। उन्होंने बताया कि 10 जून, 2026 को 'ग्रीन फॉरेस्ट्स-1 और 2' को दी गई अनुमति रद्द कर दी गई थी।
पुलिस अधीक्षक एचपीएस अधिकारी ने हलफनामे में कहा कि आयोजकों ने मनोरंजन के लिए अनुमति मांगी थी। 9 जून, 2026 को गोवा से आए लोगों द्वारा अनधिकृत रेव पार्टियों के आयोजन की सूचना मिली थी, जिसके बाद छापा मारा गया।
