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सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर पर सुनवाई के लिए दी मंजूरी

सुप्रीम कोर्ट ने क्रीमी लेयर के मुद्दे पर सुनवाई के लिए सहमति दी है। अदालत ने सभी पक्षों को 17 सितंबर तक जवाब देने का निर्देश दिया है। केंद्र सरकार ने ओबीसी क्रीमी लेयर नियमों को सिविल सर्विस परीक्षा 2025 के उम्मीदवारों पर लागू करने की मांग की है। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और सुप्रीम कोर्ट के फैसले का क्या प्रभाव पड़ेगा।
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सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई


नई दिल्ली। क्रीमी लेयर से संबंधित मामले में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। अदालत ने सभी संबंधित पक्षों को 17 सितंबर तक अपने जवाब प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किया है। यह मामला केंद्र सरकार द्वारा दायर याचिका से जुड़ा है, जिसमें ओबीसी क्रीमी लेयर नियमों को सिविल सर्विस परीक्षा 2025 के उम्मीदवारों पर लागू करने की मांग की गई है।


जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आर महादेवन की बेंच ने इस याचिका पर नोटिस जारी किया है। बेंच ने सभी पक्षों से 17 सितंबर तक जवाब देने को कहा है। केंद्र की ओर से सॉलिसीटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि 11 मार्च के फैसले को लागू करने में कई व्यावहारिक समस्याएं हैं, जो उम्मीदवारों की पोस्टिंग पर प्रभाव डाल सकती हैं।


केंद्र सरकार ने सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया है कि सिविल सर्विस परीक्षा 2025 के 958 चयनित उम्मीदवारों की सेवा आवंटन प्रक्रिया पुराने ओबीसी क्रीमी लेयर मानकों के आधार पर की जाए। सरकार का कहना है कि केवल माता-पिता की आय के आधार पर किसी उम्मीदवार को ओबीसी क्रीमी लेयर में शामिल नहीं किया जा सकता, बल्कि माता-पिता की पद स्थिति, आय और संपत्ति को भी ध्यान में रखना आवश्यक है। यह मामला सुप्रीम कोर्ट के 'यूनियन ऑफ इंडिया बनाम रोहित नाथन' मामले से संबंधित है, जिसमें 11 मार्च को ओबीसी क्रीमी लेयर की पहचान पर निर्णय दिया गया था।