सुप्रीम कोर्ट ने छात्र प्रदर्शन पर पुलिस कार्रवाई की याचिका पर सुनवाई से किया इनकार
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
नई दिल्ली। दिल्ली में नीट विवाद और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोज जनता पार्टी (सीजेपी) द्वारा आयोजित मार्च के दौरान छात्र प्रदर्शनकारियों पर पुलिस की कथित कार्रवाई के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को तत्काल सुनवाई करने से मना कर दिया। वकील नरेंद्र मिश्रा ने मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली पीठ से मामले की त्वरित सुनवाई का अनुरोध किया, लेकिन अदालत ने इसे अस्वीकार कर दिया।
सुनवाई के दौरान सीजेआई ने कहा, “कृपया हमारा समय बर्बाद न करें और अपना भी न करें।” जब वकील ने पुलिस कार्रवाई से संबंधित वीडियो का उल्लेख किया, तो अदालत ने स्पष्ट किया कि उसे वीडियो में कोई रुचि नहीं है और उसके पास उन्हें देखने का समय नहीं है।
याचिका में यह आरोप लगाया गया था कि केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन के दौरान पुलिस ने छात्रों पर बल प्रयोग किया। याचिकाकर्ता ने इस मामले में सुप्रीम कोर्ट से तात्कालिक हस्तक्षेप की मांग की थी, लेकिन अदालत ने फिलहाल सुनवाई से इनकार कर दिया। इससे पहले, दिल्ली हाईकोर्ट ने भी इसी मामले से संबंधित याचिका पर तत्काल सुनवाई से मना करते हुए कहा था कि “कोर्ट को इसमें न घसीटें।” इस प्रकार, लगातार दूसरे दिन दोनों अदालतों ने इस मामले में तात्कालिक राहत देने से इंकार कर दिया।
