सुप्रीम कोर्ट ने जनहित याचिका पर सुनवाई से किया इनकार, याचिकाकर्ता को लगाई फटकार
सुप्रीम कोर्ट में जनहित याचिकाओं की सुनवाई
हर दिन, देश के सर्वोच्च न्यायालय में कई जनहित याचिकाएं (PIL) प्रस्तुत की जाती हैं। इन याचिकाओं की गंभीरता के आधार पर कोर्ट में सुनवाई होती है और निर्णय भी सुनाए जाते हैं। हाल ही में एक याचिका पर सुनवाई से कोर्ट ने स्पष्ट रूप से इनकार कर दिया। कोर्ट ने याचिकाकर्ता को चेतावनी देते हुए कहा कि समाचार पत्रों में प्रकाशित खबरों के आधार पर PIL दायर करना बंद करें।
फर्जी मेडिकल डिग्रियों की जांच की मांग
इस याचिका में सुप्रीम कोर्ट से अनुरोध किया गया था कि वह देश में फर्जी मेडिकल डिग्रियों के मामलों की जांच के लिए विशेषज्ञों की एक समिति का गठन करे। हालांकि, कोर्ट ने इस याचिका को स्वीकार करने से मना कर दिया।
कोर्ट की सख्त टिप्पणी
कोर्ट की पीठ ने कहा, 'आप हर हफ्ते एक जनहित याचिका दायर करते हैं। आप किस प्रकार की याचिकाएं तैयार कर रहे हैं? आपने इसे एक फैक्ट्री बना दिया है।' कोर्ट ने यह भी कहा कि जैसे ही कोई खबर आती है, आप तुरंत याचिका तैयार कर लेते हैं। क्या आप ये याचिकाएं केवल प्रचार और लोकप्रियता के लिए दायर कर रहे हैं? हमें इस तरह की याचिकाओं के बोझ से दबाने की कोशिश न करें।'
याचिकाकर्ता की कार्यशैली पर नाराजगी
सुनवाई के दौरान, जस्टिस पी.एस. नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की पीठ ने याचिकाकर्ता के वकील नरेंद्र कुमार गोस्वामी की कार्यशैली पर नाराजगी व्यक्त की और याचिका को खारिज कर दिया। अदालत ने कहा कि समाचार पत्रों में खबरें देखकर बिना उचित तैयारी के याचिकाएं तैयार की जाती हैं, और इसे तुरंत रोकने की आवश्यकता है।
