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सुप्रीम कोर्ट ने राम मंदिर चढ़ावे में हेराफेरी के मामले में ट्रस्ट को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों को भी नोटिस भेजा गया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश एसआईटी को स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है। इस मामले में कई जनहित याचिकाएं दायर की गई थीं, जिनमें वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की गई थी। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और कोर्ट के निर्देशों के बारे में।
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सुप्रीम कोर्ट का नोटिस

नई दिल्ली: अयोध्या में राम मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट को नोटिस जारी किया है। इसके साथ ही, केंद्र और राज्य सरकारों को भी नोटिस भेजा गया है। अदालत ने उत्तर प्रदेश एसआईटी को मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया है।


जनहित याचिकाओं की सुनवाई

सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने उन जनहित याचिकाओं पर सुनवाई की, जिनमें अयोध्या में ट्रस्ट को मिले दान और चढ़ावे के प्रबंधन में वित्तीय अनियमितताओं की जांच की मांग की गई थी। ये याचिकाएं राजद सांसद सुधाकर सिंह, अधिवक्ता नरेंद्र कुमार गोस्वामी, वकील अजय कुमार राय, दिनेश कुमार यादव और हिंदू धर्म परिषद द्वारा दायर की गई थीं।


कोर्ट की निर्देश

मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इन याचिकाओं पर सुनवाई की। एक वकील ने कहा कि 123 साल की लड़ाई के बाद एक नई लड़ाई शुरू हो गई है। एसआईटी का गठन किया गया है और इलेक्ट्रॉनिक सबूतों को सुरक्षित रखना आवश्यक है।


सरकार की ओर से पेशी

सरकार की ओर से सुप्रीम कोर्ट में सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने पेशी दी। मुख्य न्यायाधीश की अगुवाई वाली बेंच ने केंद्र सरकार, उत्तर प्रदेश सरकार और ट्रस्ट को नोटिस जारी किए।


अगली सुनवाई

सुनवाई के दौरान, कोर्ट ने एसआईटी को स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने का निर्देश दिया। सॉलिसिटर जनरल ने बताया कि रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में पेश की जाएगी। इसके बाद, कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई अगले सोमवार के लिए निर्धारित की।


मामले की पृष्ठभूमि

यह मामला अयोध्या में राम मंदिर में भक्तों द्वारा दान किए गए नकद और कीमती सामान के गलत इस्तेमाल के आरोपों से संबंधित है। राज्य सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन किया था। अब तक 8 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, और ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने इस्तीफा दे दिया है।