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सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के नेताओं की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी किया है। याचिका में चुनावी अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। विपक्ष ने वोटर लिस्ट में नाम हटाने की आशंका जताई है और इस प्रक्रिया की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। अदालत ने महुआ माजी को उनके बयानों पर स्पष्टीकरण देने को कहा है। जानें इस मामले में और क्या हो रहा है और इसके पीछे की पूरी कहानी।
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सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई

नई दिल्ली में, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक के अन्य 12 नेताओं द्वारा दायर याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई की। इस मामले पर पूरे देश की निगाहें थीं। अदालत ने भारत निर्वाचन आयोग (ECI) और तीनों चुनाव आयुक्तों से जवाब मांगा है। याचिका में चुनावी अनियमितताओं और चुनाव आयोग के कार्यों की स्वतंत्र जांच की मांग की गई है। मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने सुनवाई के दौरान चुनाव आयोग और तीनों चुनाव आयुक्तों को नोटिस जारी किया।


महुआ माजी का मामला

झारखंड मुक्ति मोर्चा (JMM) की नेता महुआ माजी के मामले में अदालत का रुख अलग था। वह भी इस याचिका की याचिकाकर्ता हैं। अदालत ने उनके कुछ बयानों को लेकर उन्हें प्रारंभिक नोटिस जारी किया। पीठ ने कहा, “प्रतिवादी नंबर 9 को अपने बयानों और आचरण के बारे में स्पष्टीकरण देना होगा।”


वोटर लिस्ट में नाम हटाने की चिंता

याचिका में विपक्ष ने वोटर लिस्ट के SIR प्रोसेस में असली वोटर्स के नाम हटाए जाने की आशंका जताई है। उन्होंने इस प्रक्रिया से जुड़े निर्णय लेने के तरीके पर भी सवाल उठाए हैं। विपक्षी नेताओं ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर आरोप लगाया है कि उन्होंने चुनाव आयोग की सामूहिक शक्तियों का एकतरफा इस्तेमाल किया। याचिका में चुनाव आयोग, मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार और चुनाव आयुक्त सुखबीर सिंह संधू तथा विवेक जोशी को प्रतिवादी बनाया गया है।


देशव्यापी आंदोलन

यह मामला अब काफी बड़ा हो चुका है, जिसके चलते पूरे देश में आंदोलन और धरना प्रदर्शन हो रहे हैं। याचिका में अनियमितताओं की जांच की मांग की गई है। इसके लिए सुप्रीम कोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक स्वतंत्र समिति बनाने की मांग की गई है। इस समिति में तकनीकी विशेषज्ञों और अन्य सदस्यों को शामिल करने की भी अपील की गई है। मतदाता सूचियों में किए गए बदलावों का ऑडिट कराने की मांग की गई है।


याचिका का इतिहास

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी और INDIA ब्लॉक की याचिका पर चुनाव आयोग को नोटिस जारी कियायह याचिका 12 अक्टूबर को दायर की गई थी। इससे पहले राहुल गांधी और अन्य विपक्षी नेताओं ने मतदाता सूची के पुनरीक्षण में कथित गड़बड़ियों के विरोध में सुप्रीम कोर्ट की ओर मार्च किया था। याचिका दाखिल करने वालों में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, RJD नेता तेजस्वी यादव, NCP (SP) की सुप्रिया सुले, शिवसेना (UBT) के संजय राउत, CPI के डी राजा, JMM की महुआ माजी, CPI(M) के एमए बेबी और IUML के नेता ईटी मोहम्मद बशीर शामिल हैं।


अदालत के नोटिस का महत्व

गुरुवार को अदालत ने चुनाव आयोग और तीनों चुनाव आयुक्तों से याचिका में लगाए गए आरोपों पर जवाब मांगा। महुआ माजी को उनके कथित बयानों और आचरण पर स्पष्टीकरण देने को कहा गया। अदालत द्वारा नोटिस जारी करने का अर्थ यह नहीं है कि चुनाव आयोग पर लगाए गए आरोप सही साबित हो गए हैं। इसका मतलब है कि संबंधित पक्षों को याचिका में उठाए गए मुद्दों पर अपना पक्ष रखने के लिए कहा गया है।