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सुप्रीम कोर्ट ने सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द की, तीन सप्ताह में सरेंडर का आदेश

सुप्रीम कोर्ट ने इंदौर के कारोबारी राजा रघुवंशी हत्या मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत रद्द कर दी है। अदालत ने उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया है। मेघालय सरकार ने जमानत को चुनौती दी थी, यह कहते हुए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत उचित नहीं है। सुनवाई के दौरान, सोनम के वकील ने कई दलीलें पेश कीं, लेकिन अदालत ने जमानत रद्द कर दी। जानें इस मामले में और क्या हुआ और अदालत ने क्या टिप्पणियाँ कीं।
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राजा रघुवंशी हत्या मामले में नया मोड़


राजा रघुवंशी हत्या मामले में अदालती फैसला: इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की हत्या के मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को सुप्रीम कोर्ट से एक बड़ा झटका लगा है। गुरुवार को, सर्वोच्च न्यायालय ने शिलॉन्ग की अदालत द्वारा दी गई सोनम की जमानत को रद्द कर दिया और उसे तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। अदालत ने यह भी कहा कि यदि मुकदमे की सुनवाई में कोई अनावश्यक देरी होती है, तो सोनम छह महीने बाद पुनः जमानत के लिए आवेदन कर सकती हैं। यह आदेश मेघालय सरकार की उस याचिका पर आया था, जिसमें शिलॉन्ग की अदालत द्वारा दी गई जमानत को चुनौती दी गई थी।


मेघालय सरकार की चुनौती

28 अप्रैल को, शिलॉन्ग की एक अदालत ने सोनम रघुवंशी को जमानत दी थी। इसके बाद, मेघालय सरकार ने इस निर्णय को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी, यह कहते हुए कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जमानत उचित नहीं है। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद जमानत रद्द कर दी और सोनम को तीन सप्ताह के भीतर आत्मसमर्पण करने का आदेश दिया। अब सोनम को फिर से जेल जाना होगा।


सोनम की दलीलें

सुनवाई के दौरान, सोनम रघुवंशी के वकील ने अदालत को बताया कि मामले में कुल 94 गवाह हैं, लेकिन अब तक केवल 4 गवाहों के बयान दर्ज किए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि मामले में सप्लीमेंटरी चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है और सोनम ने कड़ी शर्तों के साथ जमानत प्राप्त की थी, जिसका वह पालन कर रही हैं। वकील ने यह भी कहा कि सोनम ने आत्मसमर्पण नहीं किया था, बल्कि उन्हें उत्तर प्रदेश के गाजीपुर से गिरफ्तार किया गया था।


मेघालय सरकार का पक्ष

मेघालय सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत में दलील दी कि गिरफ्तारी और आत्मसमर्पण के संबंध में उठाए गए तर्क बेबुनियाद हैं। उन्होंने कहा कि चार्जशीट में आरोपी के आत्मसमर्पण का उल्लेख है और रिकॉर्ड में मौजूद तकनीकी त्रुटि को आधार बनाकर जमानत नहीं दी जा सकती।


सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियाँ

सुनवाई के दौरान, सुप्रीम कोर्ट ने सोनम के वकील को दो विकल्प दिए थे: या तो सोनम खुद आत्मसमर्पण करें या फिर अदालत उनकी जमानत रद्द करने का निर्णय ले। जमानत रद्द करते हुए, अदालत ने समाज में बदलते हालात पर भी टिप्पणी की। कोर्ट ने कहा कि आज की पीढ़ी अधिक जानकारी रखती है, लेकिन दबाव झेलने में अधिक संवेदनशील भी है।


राजा रघुवंशी हत्या का मामला

इंदौर के व्यवसायी राजा रघुवंशी की शादी के बाद, वह अपनी पत्नी सोनम के साथ 21 मई 2025 को हनीमून के लिए मेघालय गए थे। 26 मई को दोनों के लापता होने की सूचना मिली, जिसके बाद पुलिस और स्थानीय लोगों ने बड़े पैमाने पर खोज अभियान शुरू किया। कई दिनों की खोज के बाद, 2 जून को राजा रघुवंशी का शव सोहरा, चेरापूंजी के पास एक गहरी खाई से बरामद हुआ। पोस्टमॉर्टम और पुलिस जांच में हत्या की पुष्टि हुई। मेघालय पुलिस के अनुसार, सोनम रघुवंशी का राज कुशवाहा के साथ अफेयर था और दोनों ने मिलकर राजा रघुवंशी की हत्या की योजना बनाई।