सुप्रीम कोर्ट ने सोमन रघुवंशी की जमानत याचिका खारिज की
सुप्रीम कोर्ट का निर्णय
सुप्रीम कोर्ट ने 2025 में राजा रघुवंशी हत्या मामले की मुख्य आरोपी सोमन रघुवंशी की जमानत समाप्त करने की याचिका को खारिज कर दिया है। सोमन पर आरोप है कि उसने अपने पति राजा रघुवंशी की मेघालय में हनीमून के दौरान हत्या की। कोर्ट ने मेघालय हाई कोर्ट द्वारा सोमन को दी गई जमानत पर रोक लगाने से इनकार कर दिया।
राज्य सरकार का तर्क
राज्य सरकार की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि सोमन रघुवंशी के खिलाफ आरोप गंभीर हैं और उसे तकनीकी कारणों से रिहा नहीं किया जा सकता। उन्होंने हाई कोर्ट के आदेश पर रोक लगाने की मांग की, लेकिन पीठ ने राहत देने से मना कर दिया। सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने मामले की सुनवाई को आगे बढ़ा दिया है।
जमानत रद्द न होने का कारण
जस्टिस एम एम सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने हाई कोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताई, लेकिन यह कहते हुए रोक लगाने से इनकार कर दिया कि सोमन रघुवंशी जेल से रिहा हो चुकी है और वह शिलांग में रह रही है।
जमानत मिलने का कारण
TOI की एक रिपोर्ट के अनुसार, सोमन को 27 अप्रैल को जमानत मिली क्योंकि गिरफ्तारी के दस्तावेजों में एक गंभीर त्रुटि थी। FIR में हत्या का आरोप धारा 103 BNS के तहत दर्ज था, लेकिन गिरफ्तारी के समय पुलिस ने गलत धारा 403(1) BNS का उल्लेख किया। यह गलती कई दस्तावेजों में थी। कोर्ट ने माना कि सोमन को उसकी गिरफ्तारी का सही कारण नहीं बताया गया, जो उसके कानूनी अधिकार का उल्लंघन है।
मामला सुप्रीम कोर्ट तक कैसे पहुंचा?
मेघालय सरकार ने मुख्य आरोपी को दी गई जमानत के खिलाफ बृहस्पतिवार को सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। मध्यप्रदेश के इंदौर की निवासी सोमन रघुवंशी को उसके पति राजा रघुवंशी की हत्या के आरोप में पिछले साल जून में गिरफ्तार किया गया था।
राजा रघुवंशी हत्या केस का विवरण
राजा और सोमन रघुवंशी हनीमून के लिए मेघालय गए थे और 23 मई को सोहरा क्षेत्र में लापता हो गए थे। राजा का शव 2 जून 2025 को एक गहरी खाई में मिला। पुलिस का आरोप है कि सोमन ने भाड़े के हमलावरों के साथ मिलकर अपने पति की हत्या की योजना बनाई।
