सुप्रीम कोर्ट में E20 एथेनॉल मिश्रण पर केंद्र सरकार का बयान
E20 योजना पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई
सुप्रीम कोर्ट में पेट्रोल में 20 प्रतिशत एथेनॉल (E20) मिलाने की योजना पर सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने महत्वपूर्ण जानकारी साझा की। सरकार ने अदालत को बताया कि E20 वर्तमान में केवल एक 'परीक्षण' है और इसके वास्तविक प्रभाव का पता अगले वर्ष ही चलेगा। मंगलवार को हुई सुनवाई में, सुप्रीम कोर्ट ने कर्नाटक उच्च न्यायालय के आदेश पर रोक नहीं लगाई, बल्कि स्थिति को बनाए रखने का निर्देश दिया। उच्च न्यायालय ने तेल कंपनियों (OMCs) से 2025-26 के लिए एथेनॉल आवंटन बढ़ाने पर विचार करने को कहा था, जिसे भारत पेट्रोलियम (BPCL) ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है।
केंद्र सरकार का बयान
केंद्र सरकार की ओर से अटॉर्नी जनरल आर वेंकटरमणी ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि पेट्रोल में एथेनॉल मिलाने की प्रक्रिया लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि इसका पूरा प्रभाव अगले वर्ष स्पष्ट रूप से दिखाई देगा। उन्होंने यह भी बताया कि 2025-26 के लिए एथेनॉल की आपूर्ति के सभी अनुबंध अक्टूबर 2025 तक पूरे कर लिए गए थे। सरकार के अनुसार, 17 अक्टूबर 2025 को 378 सप्लायरों को कुल 1,050 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति का कार्य सौंपा गया था, जिसमें से 18 जून तक लगभग 680 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति की जा चुकी है।
कर्नाटक हाई कोर्ट का आदेश और विवाद
हाई कोर्ट के आदेश से कैसे शुरू हुआ विवाद?
यह विवाद तब शुरू हुआ जब कर्नाटक की एक एथेनॉल निर्माता कंपनी ने उच्च न्यायालय में याचिका दायर की, जिसमें कहा गया कि उसकी उत्पादन क्षमता 9.9 करोड़ लीटर है, लेकिन 2025-26 के लिए उसे केवल 3.92 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति का आवंटन मिला। उच्च न्यायालय ने कंपनी के पक्ष में निर्णय देते हुए भारत पेट्रोलियम, हिंदुस्तान पेट्रोलियम और इंडियन ऑयल को आवंटन बढ़ाने का निर्देश दिया, जिसके खिलाफ BPCL ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया।
E20 पर उठते सवाल
E20 पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
वर्तमान में देश में पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाकर E20 ईंधन बेचा जा रहा है। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे पुराने वाहनों के इंजन और माइलेज पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। हालांकि, केंद्र सरकार का कहना है कि अब तक ऐसा कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है जो यह साबित करे कि E20 ईंधन से वाहनों को नुकसान होता है।
सरकार ने 2022 की राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति के तहत पेट्रोल में 20% एथेनॉल मिलाने का लक्ष्य हासिल कर लिया है। वर्तमान में इससे अधिक एथेनॉल मिलाने का कोई आधिकारिक निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन भविष्य में इसकी मात्रा बढ़ाने की संभावना से भी सरकार ने इनकार नहीं किया है।
