सुप्रीम कोर्ट में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ याचिका पर सुनवाई, जानें क्या है मामला
सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई की तारीख तय
नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ दायर जनहित याचिका पर सुप्रीम कोर्ट 27 अक्टूबर को सुनवाई करेगा। इस मामले में कोर्ट ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और मुख्य चुनाव आयुक्त को नोटिस जारी किया है। कोर्ट ने इस संबंध में मंगलवार को आदेश पारित किया था। इससे पहले सोमवार को सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह चुनाव आयोग के सभी फैसलों की जांच करेगा और यदि कोई निर्णय कानून के अनुरूप नहीं पाया गया, तो उसे रद्द कर दिया जाएगा। यह टिप्पणी चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने उन याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान की, जिनमें आरोप है कि चुनाव आयोग ने दोनों चुनाव आयुक्तों की मंजूरी के बिना कई फैसले लिए हैं।
फॉर्म 6 में बदलाव पर उठे सवाल
CJI सूर्यकांत की बेंच ने यह भी स्पष्ट किया कि सुप्रीम कोर्ट ने SIR के दौरान इस्तेमाल हो रहे फॉर्म 6 में किसी भी बदलाव को मंजूरी नहीं दी है। बेंच ने कहा कि जब पूरा रिकॉर्ड सामने आएगा, तब देखा जाएगा कि फॉर्म 6 में बदलाव किसने और कैसे किया। गौरतलब है कि फॉर्म 6 के जरिए ही कोई पात्र व्यक्ति मतदाता सूची में अपना नाम जुड़वाने के लिए आवेदन करता है।
मुख्य चुनाव आयुक्त को निलंबित करने से कोर्ट का इनकार
याचिकाकर्ता राकेश कुमार सिंह की ओर से पेश वरिष्ठ वकील विकास सिंह ने मांग की थी कि अंतिम फैसला आने तक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को कोई भी फैसला लेने से रोका जाए और उन्हें निलंबित किया जाए। इस पर कोर्ट ने अंतरिम रोक लगाने से इनकार कर दिया। CJI ने कहा कि कोर्ट केवल अखबारों की खबरों के आधार पर ऐसा आदेश नहीं दे सकता, उसे पहले चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का जवाब देखना होगा।
कोर्ट ने यह भी कहा कि अगर CEC को निलंबित कर दिया गया तो चुनाव आयोग का पूरा काम ठप हो जाएगा। बेंच ने सवाल किया कि फिर चुनाव कौन कराएगा। इस पर याचिकाकर्ता पक्ष ने कहा कि दोनों चुनाव आयुक्त काम संभाल सकते हैं, लेकिन कोर्ट ने इस दलील को फिलहाल स्वीकार नहीं किया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को होगी, जिसमें केंद्र और चुनाव आयोग को अपना पक्ष रखना होगा।
