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सुप्रीम कोर्ट में राम मंदिर चंदा चोरी मामले की सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने 2 नवंबर को राम मंदिर चंदा चोरी मामले में सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इस मामले में अखिल भारत हिंदू महासभा ने याचिका दायर की है, जिसमें चंपत राय और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। याचिका में आरोप है कि चंदे का दुरुपयोग हुआ और अवैध भूमि खरीद की गई। जानें इस मामले की पूरी जानकारी और इसके पीछे की कहानी।
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राम मंदिर चंदा चोरी का मामला

राम मंदिर चंदा चोरी का मामला: सुप्रीम कोर्ट ने 2 नवंबर को अखिल भारत हिंदू महासभा द्वारा दायर याचिका पर सुनवाई करने का निर्णय लिया है। इस याचिका में अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर से संबंधित चंदे और भूमि से जुड़ी अनियमितताओं के खिलाफ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के पूर्व महासचिव चंपत राय और अन्य के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है।

याचिका में यह आरोप लगाया गया है कि राम मंदिर के निर्माण के लिए एकत्रित चंदे का दुरुपयोग किया गया और मंदिर के आस-पास की भूमि अवैध तरीके से खरीदी गई। इसमें मौजूदा ट्रस्ट को भंग करने और उसके पुनर्गठन की भी मांग की गई है। CJI सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने कहा कि इस याचिका की सुनवाई उन अन्य लंबित याचिकाओं के साथ की जाएगी, जो मंदिर के लिए प्राप्त चंदे के प्रबंधन में कथित अनियमितताओं से संबंधित हैं।

गौरतलब है कि राम मंदिर में चढ़ावे की चोरी के मामले में आठ नामजद आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। इसके अलावा, तत्कालीन राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय, सदस्य डॉ. अनिल मिश्रा, गोपाल राव और कृष्ण मोहन जैसे व्यक्तियों के खिलाफ भी जांच की मांग की गई थी। हाल ही में, पुलिस ने एंटी करप्शन कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की, जिसमें चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव को आरोपी के बजाय गवाह बना दिया गया, जिससे नया विवाद उत्पन्न हो गया।