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सुप्रीम कोर्ट में राहुल गांधी के मानहानि मामले पर सुनवाई की प्रक्रिया पर टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी के मानहानि मामले में सुनवाई की प्रक्रिया पर महत्वपूर्ण टिप्पणी की है। अदालत ने कहा है कि सभी व्यक्तियों को समान माना जाता है और यदि राहुल गांधी त्वरित सुनवाई चाहते हैं, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा। मामले की पृष्ठभूमि में राहुल गांधी की टिप्पणी है, जो भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प से संबंधित है। शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया है कि यह टिप्पणी भारतीय सेना को बदनाम करने वाली है। जानें इस मामले में आगे क्या होगा और राहुल गांधी का क्या कहना है।
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सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी

सुप्रीम कोर्ट ने राहुल गांधी से जुड़े आपराधिक मानहानि मामले में स्पष्ट किया है कि अदालत में सभी व्यक्तियों को समान माना जाता है। यदि राहुल गांधी त्वरित सुनवाई की इच्छा रखते हैं, तो उन्हें निर्धारित प्रक्रिया का पालन करना होगा और अदालत में उपस्थित होना होगा। आरोप यह था कि कोर्ट रजिस्ट्री राहुल गांधी के साथ विशेष व्यवहार कर रही है।


आरोपों का संदर्भ

सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी मोहना की बेंच ने यह बात कही। सीनियर वकील गौरव भाटिया ने अदालत में कहा कि पहले सुनवाई का निर्देश दिए जाने के बावजूद राहुल गांधी की अपील अब तक सूचीबद्ध नहीं की गई है। गौरव भाटिया, पूर्व बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन (BRO) के निदेशक उदय शंकर श्रीवास्तव की ओर से पेश हुए थे।


सुनवाई की प्रक्रिया

गौरव भाटिया ने अदालत में यह भी कहा कि राहुल गांधी कोई विशेष व्यक्ति नहीं हैं और यह मामला पिछले पांच महीनों से सूचीबद्ध नहीं हुआ है, जो संस्थान के लिए उचित नहीं है। उन्होंने दिसंबर 2025 के एक आदेश का उल्लेख किया, जिसमें कहा गया था कि मामले को 22 अप्रैल को सूचीबद्ध किया जाए।


मामले की पृष्ठभूमि

राहुल गांधी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी थी, जिसमें मानहानि मामले को रद्द करने से इनकार किया गया था। यह मामला दिसंबर 2022 में भारत जोड़ो यात्रा के दौरान अरुणाचल प्रदेश में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच झड़प से संबंधित है।


शिकायतकर्ता के आरोप

उदय शंकर श्रीवास्तव ने लखनऊ की अदालत में कहा कि राहुल गांधी की टिप्पणी भारतीय सेना को बदनाम करने वाली है। वह बॉर्डर रोड्स ऑर्गेनाइजेशन में निदेशक रह चुके हैं और लखनऊ की अदालत ने राहुल गांधी को समन जारी किया था।


गौरव भाटिया की दलीलें

गौरव भाटिया ने यह भी कहा कि उनके मामले को गलत तरीके से द वायर की याचिकाओं के साथ जोड़ा गया है। उन्होंने अदालत से अनुरोध किया कि उनके मामले को अलग किया जाए। बेंच ने उन्हें जल्द सुनवाई के लिए उचित प्रक्रिया अपनाने का निर्देश दिया।


राहुल गांधी का पक्ष

राहुल गांधी ने अपनी याचिका में कहा है कि उनके खिलाफ पहले से ही भाषण से जुड़े 20 से अधिक मामले चल रहे हैं। उन्होंने इसे कानून के दुरुपयोग का उदाहरण बताया है, जिसका उद्देश्य उनकी आवाज को दबाना है।


बयान का विवाद

उदय शंकर श्रीवास्तव ने कहा कि राहुल गांधी का 2022 का बयान झूठा और आधारहीन था, जिसका उद्देश्य भारतीय सेना का मनोबल गिराना था। उन्होंने बताया कि भारतीय सेना ने 9 दिसंबर 2022 को अरुणाचल प्रदेश में चीनी सैनिकों को अपने इलाके में घुसने से रोका था।