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सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता और सुरक्षा मुद्दों पर की चर्चा

पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने कोलकाता में एक कार्यक्रम में राज्य की राजनीति और सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। उन्होंने समान नागरिक संहिता, अवैध घुसपैठ, और नागरिकता संशोधन कानून जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की। अधिकारी ने कहा कि उनकी सरकार आने पर समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी और अवैध घुसपैठ को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे। इसके अलावा, उन्होंने भारतीय सेना के सम्मान और लोकतंत्र सेनानियों को सम्मानित करने की योजना का भी उल्लेख किया।
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राजनीतिक और सुरक्षा मुद्दों पर सुवेंदु अधिकारी का बयान

कोलकाता में एक कार्यक्रम के दौरान, पश्चिम बंगाल के नेता प्रतिपक्ष सुवेंदु अधिकारी ने राज्य की राजनीति और सुरक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर अपने विचार साझा किए। वंदे मातरम् के 150 वर्ष पूरे होने के अवसर पर, उन्होंने समान नागरिक संहिता, अवैध घुसपैठ, नागरिकता संशोधन कानून और राष्ट्रीय सुरक्षा जैसे विषयों पर गहन चर्चा की। उनके बयान को आगामी राजनीतिक दिशा और चुनावी रणनीति के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


समान नागरिक संहिता का प्रस्ताव

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि यदि उनकी पार्टी सत्ता में आती है, तो पश्चिम बंगाल में समान नागरिक संहिता लागू की जाएगी। उनका मानना है कि सभी नागरिकों के लिए एक समान कानून व्यवस्था लोकतांत्रिक मूल्यों को मजबूत करेगी। यह कदम सामाजिक संतुलन और प्रशासनिक पारदर्शिता को बढ़ावा देने में सहायक होगा।


घुसपैठ और सीमा सुरक्षा पर जोर

अपने संबोधन में, उन्होंने अवैध घुसपैठ को एक गंभीर चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि सीमा सुरक्षा को मजबूत करने के लिए आवश्यक कदम उठाए गए हैं और सीमावर्ती क्षेत्रों में होल्डिंग सेंटर स्थापित किए गए हैं। ऐसे व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें उनके मूल देश भेजने की प्रक्रिया सुनिश्चित की जाएगी, जो अवैध रूप से राज्य में रह रहे हैं।


CAA और शरणार्थियों पर टिप्पणी

सुवेंदु अधिकारी ने कहा कि धार्मिक उत्पीड़न का सामना कर भारत आने वाले हिंदू शरणार्थियों को घुसपैठिया नहीं माना जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि ऐसे लोगों को नागरिकता संशोधन कानून के तहत भारतीय नागरिकता प्रदान की जाएगी। उनके अनुसार, यह मानवीय और संवैधानिक दृष्टि से आवश्यक कदम है।


राष्ट्रीय सुरक्षा और सेना का सम्मान

उन्होंने कहा कि भारतीय सेना का सम्मान सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। अधिकारी ने कहा कि सेना के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणियों या राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर गैर-जिम्मेदाराना रवैये को स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने पहलगाम आतंकी हमले और ऑपरेशन सिंदूर का भी उल्लेख किया।


लोकतंत्र सेनानियों को सम्मान देने की घोषणा

कार्यक्रम के दौरान, सुवेंदु अधिकारी ने आपातकाल का विरोध करने वाले लोगों को सम्मानित करने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 9 अगस्त को ऐसे लोगों को सम्मानित किया जाएगा और उन्हें सरकारी मान्यता प्रमाणपत्र दिए जाएंगे। इसके साथ ही, सामाजिक और संवैधानिक विषयों पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करने की भी बात कही।