सूरत में नकली देसी घी का भंडाफोड़: त्योहारों से पहले उपभोक्ताओं के लिए चेतावनी
सूरत में मिलावटखोरी का मामला
त्योहारों के आगमन के साथ, घरों में मिठाइयों की तैयारी शुरू हो जाती है और पूजा में घी का उपयोग बढ़ जाता है। इस बढ़ती मांग का फायदा उठाते हुए कुछ मिलावटखोर लोगों की सेहत से खिलवाड़ करने लगते हैं। सूरत से आई यह घटना आपको देसी घी खरीदते समय सतर्क रहने के लिए प्रेरित कर सकती है।
सूरत में पुलिस ने एक डेयरी का पर्दाफाश किया है, जहां वनस्पति घी, पामोलिन और सोयाबीन तेल मिलाकर नकली देसी घी बनाया जा रहा था। सबसे चौंकाने वाली बात यह है कि इस नकली घी को असली जैसा पीला रंग देने के लिए हल्दी का उपयोग किया जा रहा था। यह मामला सूरत के वेड रोड क्षेत्र का है। सूचना मिलने के बाद, जोन-3 एलसीबी, चौक बाजार पुलिस और महानगरपालिका के खाद्य सुरक्षा अधिकारियों ने मिलकर एक डेयरी पर छापा मारा।
छापे के दौरान पुलिस ने वहां स्टील के ड्रम, घी मिलाने की मशीन, सीलिंग मशीन, इलेक्ट्रॉनिक तराजू, हल्दी पाउडर और बड़ी मात्रा में कच्चा माल बरामद किया। यह स्पष्ट था कि यहां केवल नकली घी का उत्पादन नहीं हो रहा था, बल्कि इसे पैक करके बाजार में असली देसी घी के नाम पर बेचा जाने की पूरी तैयारी थी। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि पहले वनस्पति घी में पामोलिन और सोयाबीन तेल मिलाया जाता था। फिर इस मिश्रण को गर्म करके हल्दी डाली जाती थी ताकि इसे असली घी जैसा रंग दिया जा सके। इसके बाद इसे 15-15 किलो के डिब्बों में भरकर सील किया जाता था और स्थानीय दुकानों पर भेजा जाता था।
पुलिस के अनुसार, आरोपी यह काम रात के समय करता था ताकि किसी को इसकी जानकारी न हो। प्रारंभिक जांच में यह पता चला है कि यह कारोबार लगभग एक साल से चल रहा था। असली खतरा तब सामने आया जब इस नकली घी के सैंपल की लैब जांच की गई। खाद्य सुरक्षा लैब की रिपोर्ट में इसे मिलावटी और मानव उपभोग के लिए असुरक्षित बताया गया। सैंपल में हल्दी और बीटा-सिटोस्टेरॉल जैसे तत्व पाए गए, जो शुद्ध देसी घी में नहीं होने चाहिए। कार्रवाई के दौरान लगभग 34 किलो नकली घी, कच्चा माल, मशीनरी और मोबाइल फोन समेत कुल 43,535 रुपये का सामान जब्त किया गया है। डेयरी संचालक को गिरफ्तार कर लिया गया है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह नकली घी किन-किन दुकानों और क्षेत्रों में पहुंचाया गया था।
त्योहारों के इस समय में यह घटना केवल सूरत की नहीं है, बल्कि यह हर उपभोक्ता के लिए एक चेतावनी है जो बाजार से घी खरीदता है। इसलिए त्योहारों के दौरान घी और अन्य खाद्य पदार्थ खरीदते समय पैकेजिंग, लेबल और विश्वसनीय ब्रांड की अच्छी तरह से जांच करें।
