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सूर्य ग्रहण 2026: जानें इसकी विशेषताएँ और पूजा विधि

सूर्य ग्रहण 2026 एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जो चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आने पर होती है। यह ग्रहण 13 अगस्त को रात 09:04 बजे शुरू होगा और इसका मध्य समय 11:16 बजे होगा। जानें इस ग्रहण की विशेषताएँ, पूजा विधि और गर्भवती महिलाओं के लिए सावधानियाँ।
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सूर्य ग्रहण 2026 की जानकारी

सूर्य ग्रहण 2026: सूर्य ग्रहण एक अद्भुत खगोलीय घटना है, जो तब होती है जब चंद्रमा, पृथ्वी और सूर्य के बीच आ जाता है। यह ग्रहण पूर्ण, आंशिक या वलयाकार (रिंग ऑफ फायर) हो सकता है। खगोलविदों और ज्योतिषियों के बीच इस घटना को लेकर विशेष उत्साह रहता है। भारतीय समयानुसार, यह सूर्य ग्रहण रात 09:04 बजे शुरू होगा। इसका मध्य समय (पीक टाइम) रात 11:16 बजे होगा और यह 13 अगस्त को रात 01:27 बजे समाप्त होगा। यह ग्रहण कर्क राशि में अश्लेषा नक्षत्र में होगा।


हिंदू पंचांग के अनुसार, यह सूर्य ग्रहण हरियाली अमावस्या के साथ मेल खा रहा है। ध्यान देने योग्य बात यह है कि यह ग्रहण भारत में दिखाई नहीं देगा और न ही इसका सूतक काल यहां लागू होगा।


इस दौरान भगवान की आराधना और मंत्र जाप करना चाहिए। शांत मन से पूजा-पाठ करें। गर्भवती महिलाओं को इस समय घर के अंदर रहना चाहिए। ग्रहण समाप्ति के बाद स्नान करें और ग्रहण के अगले दिन सुबह सूर्य से संबंधित वस्तुओं का दान करें।